अनुसूचित वर्गों के छात्रों को छात्रवृत्ति का भुगतान न होने पर प्राचार्यों पर होगी कार्यवाही

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जबलपुर  – ईपत्रकार.कॉम |कलेक्टर महेशचन्द्र चौधरी ने जिले के समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्यों/संचालकों को आगाह किया है कि अनुसूचित जाति अथवा जनजाति के विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं किए जाने पर सम्बन्धित महाविद्यालय के प्राचार्य/संचालक के विरूद्ध विधि अनुसार कार्यवाही की जाएगी।

श्री चौधरी आज यहां कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महाविद्यालयों के प्राचार्यों और संचालकों की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने प्राचार्यों और संचालकों को निर्देश दिए कि वे अपने कॉलेज में नियमित रूप से छात्र-छात्राओं की जनसुनवाई की जाना सुनिश्चित करें। साथ ही संस्था प्रमुखों को कलेक्टर ने हिदायत दी कि वे सीएम हैल्पलाइन के प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी द्वारा गलत या किसी और के आधार नम्बर की प्रविष्टि या उपयोग करना तथा संस्था द्वारा किसी भी छात्र के गलत आधार नम्बर का सत्यापन करना आधार एक्ट 2016 के तहत दण्डनीय अपराध है। ऐसे अपराध के लिए सम्बन्धित एक्ट में तीन साल की कैद या दस हजार रूपए जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है। श्री चौधरी ने कहा कि विद्यार्थी द्वारा गलत या किसी और व्यक्ति के आधार नम्बर की प्रविष्टि या उपयोग किए जाने पर उसका आवेदन बिना किसी सूचना के निरस्त किया जाए जिसके लिए विद्यार्थी स्वयं उत्तरदायी होगा।

कलेक्टर श्री चौधरी ने महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं संचालकों को उनकी संस्थाओं में छात्र-छात्राओं के लिए पृथक्-पृथक् प्रसाधन-कक्ष की व्यवस्था करने तथा बिजली-पानी के इंतजामों पर विशेष ध्यान देने के लिए पाबंद किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत समस्त संस्थाओं की ग्रेडिंग की जानी है। अतएव प्राचार्यगण अपनी संस्थाओं में स्वच्छता के प्रति निरन्तर जागरूक एवं सचेष्ट रहें। श्री चौधरी ने निर्देश दिए कि युवा उद्यमी योजना का लाभ उठाने की दृष्टि से छात्रों के उन्मुखीकरण के लिए नोडल संस्थाओं में शिविर लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि कॉलेज कैम्पस को पान-गुटका या पालीथिन आदि से पूरी तरह मुक्त रखा जाना चाहिए। कलेक्टर ने कॉलेज कैम्पस की सिक्योरिटी सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीव्ही कैमरे लगाए जाने के निर्देश दिए। साथ ही महाविद्यालयों में अनुशासन समितियों के गठन की जरूरत पर भी जोर दिया।

बैठक में सीईओ जिला पंचायत, प्रभारी सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण के अलावा सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, जिला संयोजक तथा जिला निरीक्षक पिछड़ा वर्ग एवं विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य और संचालक मौजूद थे।