अपने इन गुणों के कारण ही मंगल सूत्र होता है खास

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मंगलसूत्र पहनी महिलाएं जितनी खूबसूरत लगती हैं, उतनी शायद ही वो शादी से पहले लगी हों। लेकिन इसे पहनने के पीछे भी कई कारण होते हैं, जिनके बारे में हम आपको आज बताएंगे..

मंगलसूत्र हर सुहागन स्त्री के सुहाग की निशानी होती है। हिन्दू परम्परा के अनुसार शादी के बाद महिलाओं को बहुत सा श्रृंगार करती है, और कई ऐसे गहने होते है, जिन्हें शादी के बाद पहना अनिवार्य होता है। उन्हीं में से एक है मंगलसूत्र।
 लेकिन क्या आप जानते है कि मंगलसूत्र क्यों पहना जाता हैं, अगर नहीं जानते है तो हम आपको बताते है इसके महत्तव के बारे में;-
– धागे में पिरोए काले मोती और सोने का पेंडिल से बना मंगलसूत्र सुहागन स्त्रियों के लिए पहनना जरूरी होता है। इसकी तुलना किसी अन्य आभूषण से नहीं की जा सकती है। प्राचीन काल से ही मंगलसूत्र को विवाह के दौरान ही पहनाया जाता है और पति की मृत्यु के बाद ही उतारा जाता है।
-इसका खोना या टूटना अपशकुन माना गया है। इसे पति की कुशलता के साथ भी जोड़ा जाता है, इसलिए भी मंगलसूत्र पहनना अनिवार्य माना गया है।
– माना जाता है कि विवाहित स्त्री अपने पति के जीवन रक्षा और अपने वैवाहिक जीवन की रक्षा के लिए ही मंगलसूत्र पहनती है।
– आपको बता दे कि मंगलसूत्र के काले मोती स्त्री औऱ उसके पति  को बुरी नजर से बचाते है, वहीं सोने का पेंडल भी तेज औऱ ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।