एकात्म यात्रा को अदभुत जनसमर्थन मिल रहा है -मुख्यमंत्री श्री चौहान

0

एकात्म यात्रा आगामी 22 जनवरी को ओंकारेश्वर पहुँचेगी। यात्रा के समापन कार्यक्रम में आदि गुरू शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा, शंकर संग्रहालय और वेदांत संस्थान स्थल का भूमि पूजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ एकात्म यात्रा के संबंध में समीक्षा बैठक ली।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में कहा कि एकात्म यात्रा को अदभुत जनसमर्थन मिल रहा है। इसमें समाज के हर वर्ग के लोग शामिल हो रहे हैं। अद्वैत दर्शन में वर्तमान की सभी समस्याओं का समाधान है। यात्रा के समापन के अवसर पर आयोजित भव्य और गरिमामय समारोह के माध्यम से दुनिया को अद्वैत दर्शन का संदेश दिया जायेगा। इस विचार के प्रसार के लिये सांस्‍कृतिक एकता न्यास की स्थापना की जायेगी। समापन समारोह में धार्मिक और आध्यात्मिक धर्मगुरू उनके अनुयायी और बुद्धिजीवी वर्ग के प्रतिनिधि शामिल होंगे। आदि शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा ओंकार पर्वत पर स्थापित की जायेगी।

यात्रा में शामिल हुए 17 लाख से ज्यादा लोग
बैठक में बताया गया कि मुख्य समारोह बड़वाह-ओंकारेश्वर मार्ग पर ग्राम थापना में आयोजित होगा। इसके लिये 800 से ज्यादा विषय-विशेषज्ञों और धर्माचार्यों को आमंत्रित किया जा रहा है। गत 19 दिसम्बर से प्रारंभ हुई यह यात्रा अब तक दो हजार 231 ग्रामों और शहरों से गुजरी है तथा यात्रा के दौरान 6 हजार 624 किलो मीटर दूरी तय की गई है। यात्रा के दौरान 17 लाख से अधिक लोग शामिल हुये हैं तथा 20 हजार 519 धातु पात्र अब तक संकलित किये गये हैं। चार यात्राएं ओंकारेश्वर, उज्जैन, पचमठा और अमरकंटक से निकली है। इसके अलावा एक यात्रा केरल के कालड़ी से शुरू हुई है जो पूरे देश में घूम रही है। यह पाँचों यात्राएं ओंकारेश्वर पहुँचेगी। कार्यक्रम स्थल का आकल्पन आदि गुरू शंकराचार्य के जीवन की प्रमुख घटनाओं के चित्र तैयार कर किया जायेगा।

बैठक में जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पांडेय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस.के. मिश्रा, प्रमुख सचिव संस्कृति श्री मनोज श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री विवेक अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री हरिरंजन राव, आयुक्त जनसंपर्क श्री पी. नरहरि, कमिश्नर एवं आई.जी. इंदौर, कलेक्टर और एस.पी. खण्डवा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।