कुछ राजनीतिक दल फेमिली प्लानिंग को प्रोत्साहित करने में संकोच महसूस करते हैं : वेंकैया नायडू

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 उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने सोमवार को कहा कि कुछ राजनीतिक दल परिवार नियोजन को प्रोत्साहित करने में संकोच महसूस करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि जनसंख्या नियंत्रण से उनका ‘‘ वोट नियंत्रित’’ हो सकता है।   भारत राज्य स्तरीय रोग का बोझ संबंधी रिपोर्ट और तकनीकी रिपोर्ट जारी करते हुए उपराष्ट्रपति ने जनसंख्या नियंत्रण पर एक व्यापक राजनीतिक आम सहमति बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन पहल को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक चर्चा और राजनीतिक आम सहमति बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे राजनीतिक परिवार नियोजन को प्रोत्साहित करने में संकोच भी महसूस करते हैं। कुछ लोगों का ऐसा भी मानना है कि जनसंख्या नियंत्रण हो जाएगा तब वोट भी नियंत्रण हो जाएगा। ’’

उपराष्ट्रपति ने जोर दिया कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए जीवन शैली में बदलाव करने की जरूरत है। लोगों को रोगों के उपचारात्मक कदमों के बारे में जागरूक बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जीवन शैली ऐसी हो गई है कि ब‘चे टेलीविजन, सिनेमा और सोशल मीडिया से चिपके रहते हैं। वेंकैया ने कहा कि लोगों को परिवार नियोजन के फायदे के बारे में बताए जाने की जरूरत है।

विकास के समान पायदान पर खड़े कई देशों की तुलना में भारत में स्वास्थ्य सूचकांक की स्थिति खराब है। भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र में अ‘छी प्रगति को देखते हुए भारत और बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। उन्होंने कहा कि डाक्टरों को मरीजों का उपचार करते हुए मानवता के आधार और राष्ट्र निर्माण की सोच के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे अब राजनीति से सेवानिवृत हो गए हैं और भाजपा से उनका कोई लेना देना नहीं है। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा भी मौजूद थे।