कैशलेस की मुहिम में रेलवे टॉप पर, 98 प्रतिशत लेनदेन हुआ डिजिटल

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भारतीय रेलवे नकदी रहित लेनदेन के मामले में सरकार के किसी अन्य विभाग से बहुत आगे निकल गया है और उसका करीब 5 लाख करोड़ रुपए के कारोबार में लगभग 8 प्रतिशत लेनदेन डिजीटल हो गया है और नकदी का काम 2  फीसदी रह गया है।  रेलवे बोर्ड के आधिकारिक सूत्रो ने बताया कि रेलवे के राजस्व श्रेणी में करीब 3.6 लाख करोड़ रुपए और पूंजीगत श्रेणी में 1.31 लाख करोड़ रुपए के लेनदेन में से करीब 25 हजार करोड़ रुपए का ही लेनदेन नकदी के माध्यम से हो रहा है। इसे भी डिजीटल भुगतान माध्यम पर लाने के लिये नये कदम उठाये जा रहे हैं।

रेलवे में 9.8 प्रतिशत लेनदेन हुआ डिजीटल
सूत्रों के अनुसार रेलवे में विगत 3 साल में सिलसिलेवार ढंग से उठाए गए कदमों से यह संभव हो पाया है। उन्होंने बताया कि रेलवे मालवहन श्रेणी में 9.8 प्रतिशत लेनदेन डिजीटल हो गया है जबकि आरक्षित श्रेणियों में बुक होने वाले टिकटों में 76 प्रतिशत से अधिक टिकट और अनारक्षित श्रेणी में करीब 10 प्रतिशत टिकट के लिए डिजीटल भुगतान होने लगा है।

2016-17 के आंकड़ों  के अनुसार यात्री राजस्व में 48300 करोड़ रुपए की आय में से करीब 24 हजार करोड़ रुपए नकदी आ रही है जिसे रेलवे स्थानीय स्तर पर फुटकर में होने वाले खर्चों के लिये उपयोग में ला रही है।

कई स्टेशनों पर शुरु होगी ‘भीम ऐप’ 
उत्तर रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर आरक्षण खिड़कियों एवं अनारक्षित टिकट खिड़कियों पर ‘भीम ऐप’ से भुगतान की प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसकी सफलता के बाद इसे देश भर में लागू किया जाएगा। टिकट खिड़की पर मोबाइल से भुगतान करने पर भीम ऐप में आये कोड को बुकिंग क्लर्क जैसे ही पीआरएस सिस्टम में वह कोड डालेगा तो टिकट जारी होगा। ट्रेन के रद्द होने पर स्वत: ही पैसे बैंक के खाते में लौट जाएंगे। इसके अलावा रूपे कार्ड को भी बढ़ावा दिया जाएगा।