पन्नीरसेल्वम ने अम्मा से विश्वासघात किया : शशिकला

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तमिलनाडु में जारी राजनीतिक गहमागहमी के बीच ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) की महासचिव वी.के. शशिकला ने बुधवार को राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम पर पलटवार किया।

उन्होंने एक दिन पहले अपने खिलाफ बगावती तेवर अपनाने वाले पन्नीरसेल्वम को ‘विश्वासघाती’ करार दिया। यहां अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए शशिकला ने आरोप लगाया कि पन्नीरसेल्वम विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की मिलीभगत से यह सब कर रहे हैं, जिसका मकसद एआईएडीएमके की सरकार को कमजोर करना है।

शशिकला ने राज्य की पूर्व दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैंने अम्मा के साथ रहते हुए पिछले 33 वर्षो में कई विश्वासघातों का सामना किया।’

उन्होंने कहा, ‘पिछले 33 सालों में अम्मा मेरी भगवान रहीं। इस दौरान कई उतार-चढ़ाव देखे। मैंने उन सभी को पार किया और हम इस बार भी उबर जाएंगे.. मैं अम्मा के नाम की शपथ लेती हूं।’

शशिकला का यह बयान पन्नीरसेल्वम द्वारा मंगलवार देर शाम बगावती तेवर अपनाए जाने के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने इसके लिए शशिकला को जिम्मेदार ठहराया था।

पन्नीरसेल्वम के बगावती तेवर के बाद बुधवार को शशिकला ने आक्रामक लहजे में कहा कि एआईएडीएमके के ‘शत्रु’ एक-एक कर सामने आ रहे हैं, ‘पर सभी हार जाएंगे।’

लंबे समय तक जयललिता की करीबी रहीं शशिकला ने कहा कि वह ‘विश्वासघात बर्दाश्त नहीं’ करेंगी।

रविवार को एआईएडीएमके विधायक दल की नेता चुनी गईं शशिकला ने पूरे प्रकरण के लिए डीएमके के नेता एम.के. स्टालिन को जिम्मेदार ठहराया, जो उनके मुख्यमंत्री बनने के प्रयासों का मुखर विरोध कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “यह डीएमके की साजिश है। पिछले दो महीने से पन्नीरसेल्वम विपक्षी ताकतों के साथ मिलीभगत कर रहे थे, लेकिन मैंने इन सबको नजरअंदाज किया।”

शशिकला ने पन्नीरसेल्वम द्वारा अपने विरोध को लेकर सवालिया लहजे में कहा, “वह इतने दिनों तक चुप क्यों रहे? क्या उन्हें डीएमके से समर्थन मिल रहा है?”

उन्होंने कहा, “हमारे शत्रु हमें कमजोर करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों में हम इस तरह के घटनाक्रम देख रहे हैं..।”

शशिकला ने कहा, ‘कोई भी इस बात को नहीं मानेगा कि मैंने उन्हें (पन्नीरसेल्वम) मुख्यमंत्री पद से हटने के लिए मजबूर किया। न तो लोग और न ही (एअईएडीएमके) के कैडर।’

उन्होंने कहा, ‘पार्टी महासचिव के तौर पर मैं उन्हें माफ करना चाहती हूं, लेकिन मंगलवार जो कुछ भी हुआ, उसने सारी हदें पार कर दीं।’

उन्होंने कहा, ‘कुछ लोग हमें बांटने की कोशिश कर रहे हैं.. एआईएडीएमके नहीं टूटेगी, न ही मैं टूटूंगी।’