मरम्मत के सभी काम फरवरी तक पूरे कर लिये जायें- प्रमुख सचिव श्री अग्रवाल

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सागर  – ईपत्रकार.कॉम |सागर संभाग की कलेक्टर्स कान्फ्रेंस गुरूवार को कमिश्नर कार्यालय सागर के सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। राज्य सरकार के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव श्री प्रमोद अग्रवाल की विशेष मौजूदगी में हुई इस कलेक्टर्स कान्फ्रेंस में कमिश्नर श्री आशुतोष अवस्थी, संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स, पीएचई के ईएनसी, सीई, एसई और सभी जिलों के कार्यपालन यंत्री भी मौजूद थे। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव श्री अग्रवाल ने की।

बैठक में प्रमुख सचिव श्री अग्रवाल ने सभी कलेक्टर्स और कार्यपालन यंत्रियों को निर्देषित किया कि वे यह सुनिश्चित कर लें कि पूरे सागर संभाग में कहीं पर भी पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की समस्या न रहे। हर हाल में हर व्यक्ति को पानी मिले यह हम सबकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि नल-जल योजनाओं, बोरवेल व हैण्ड पम्पस् में मरम्मत आदि की जरूरत है तो इसके लिये जनवरी माह में टेन्डर लगा दें और हर हाल में फरवरी अन्त से पहले ही यह सारे काम करा लिये जायें। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत हुई तो पेयजल आपूर्ति हेतु शासन द्वारा पीएचई को कूप खनन की अनुमति भी दें दी जायेगी। उन्होंने कहा कि जहां पेयजल स्रोत नहीं है उन गांवों के लिए पीएचई के कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, सब इंजीनियर्स और संबंधित जनपद के सीईओ संयुक्त रूप से विजिट करें और समस्या का समाधान करायें। उन्होंने बैठक में मौजूद म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के सीई को निर्देषित किया कि वे यह देखें कि नल-जल योजनाओं हेतु विद्युत आपूर्ति सतत् रूप से जारी रहे, ताकि किसी को भी पीने के पानी की किल्लत न हो। प्रमुख सचिव ने पन्ना जिले में विद्युत आपूर्ति से जुड़ी कतिपय समस्याओं के कारण कुछ नल-जल योजनओं के बंद होने की जानकारी मिलने पर म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के सीई से कहां कि वे पन्ना जायें और समस्या का स्थायी निकराकरण करें।

मुख्यमंत्री ग्रामीण नल-जल योजना के बारे में प्रमुख सचिव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स एवं पीएचई के ईई इस योजना के प्रावधानों का बारीकी से अध्ययन कर लें और हर संभव तरीके से ग्रामीणों को योजना का लाभ दिलायें। पेयजल आपूर्ति हेतु फ्लेट टंकी पक्के प्लेटफार्म के साथ बनाये। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी प्राथमिकता के साथ अपने जिलों के लिए हैण्डपंप खनन व राईजर पाईप की मांग कर लें। कमिश्नर श्री अवस्थी द्वारा संभाग के जिलों में कुछ जलविहीन शालाओं में तत्काल जलापूर्ति किये जाने की मांग पर प्रमुख सचिव ने विभागीय अधिकारियों को तत्काल इसकी व्यवस्था करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभागीय अमला गांवों में ऐसी जगह बोरवेल या हैण्डपंप खनन कराये, जिससे स्कूली बच्चों और ग्रामीणों दोनों को पेयजल आपूर्ति हो सके। प्रमुख सचिव ने बताया कि सागर व ग्वालियर संभाग में जल्द ही पीएचई के 22 नये सहायक यंत्रियों को नियुक्ति दी जा रही है। साथ 88 नये सब इंजीनियर्स भी जल्द भर्ती होकर आ रहे है। टीकमगढ़ और बीना डिवीजन में जल्द ही नये सब इंजीनियर्स भेजे जा रहे है।

प्रमुख सचिव ने कलेक्टर्स से कहा कि वे जरूरी संसाधन की मांग कर लें। पहली बार ऐसा हो रहा है कि पीएचई द्वारा जनवरी माह में सभी जिलों को आवश्यकतानुसार संसाधनों व राशि की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि बंद नल-जल योजनायें न केवल तत्काल ठीक कराई जायें वरन् ग्रामीणों को सहज रूप से पेयजल आपूर्ति भी सुनिश्चित की जाये। बैठक में प्रमुख सचिव ने पीएचई की 2 लाख से कम लागत वाली बंद नलजल योजनाओं, पंचायतों को हस्तांतरित नल-जल योजनाओं, बंद नल-जल योजनाओं को चालू करने हेतु की गई कार्यवाही, हैण्ड पम्पों की वर्तमान स्थिति एवं समस्यामूलक गांवों में पेयजल आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था आदि बिन्दुओं पर समीक्षा की।

प्रमुख सचिव श्री अग्रवाल ने बुन्देलखण्ड अंचल के विशेष संदर्भ में जल निगम के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा जल निगम अपनी विशेष जल परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करे और लक्षित ग्रामसमूहों को सहज रूप से जलापूर्ति का लाभ दिलाये।