रबी फसलो के लिये भी लागू रहेगी भावांतर भुगतान योजना – गौरीशंकर बिसेन

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सतना  – ईपत्रकार.कॉम |प्रदेश के किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि राज्य सरकार किसानो की हर कठिन परिस्थितियो में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्णयानुसार किसानो के हित में लागू महत्वाकांक्षी योजना भावांतर भुगतान योजना रबी फसलो के लिये भी लागू की जायेगी। श्री बिसेन गुरूवार को सतना में कृषि अभियांत्रिकी कर्मशाला के संभागीय कार्यालय में ढाई करोड़ रूपये की लागत से निर्मित कौशल विकास केन्द्र के शुभारंभ अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद गणेश सिंह ने की। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष सुधा सिंह, संचालक कृषि अभियांत्रिकी राजीव चौधरी, कलेक्टर मुकेश कुमार शुक्ला, कृषि महाविद्यालय रीवा के डीन डॉ. पाण्डेय, डॉ. जोषी भी उपस्थित थे।

कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि कृषि यंत्रीकरण के क्षेत्र में पूरे प्रदेश में 6 संभाग स्तर पर कौशल विकास केन्द्र प्रारंभ किये जा रहे है। जबलपुर ग्वालियर भोपाल सहित सतना का यह चौथा कौशल विकास केन्द्र है। अगले सप्ताह सागर और इन्दौर के कौशल विकास केन्द्र भी प्रारंभ कर दिये जायेगें। उन्होने कहा कि इन कौशल प्रशिक्षण विकास केन्द्र के माध्यम से अंचल के युवा टैक्टर सुधार मैकेनिक प्रशिक्षण मे पांरगत होकर अपना स्वयं का व्‍यवसाय स्थापित कर सकेगें। कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानो की कठिनाईयो और हर विपरीत परिस्थितियो में उनके साथ खडी है। उपज का सही मूल्य दिलाने म.प्र. में भावांतर भुगतान योंजना की अनूठी शुरूआत की गई है। जिसका अनुसरण दूसरे राज्य भी कर रहे है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुसार रबी फसलो में चना और दलहन को भी भावांतर योजना में शामिल किया जायेगा। एक फरवरी से 28 फरवरी तक चना और मसूर की फसलो के लिये किसानो का रजिस्ट्रेशन होगा। उन्होने कहा कि किसानो की सहायता के लिये राज्य सरकार ने 4 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान अनुपूरक बजट मे किया है। उन्होने कहा कि पूरे प्रदेश मे 265 मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की जा चुकी है। जिनके माध्यम से मिट्टी की सूक्ष्म तत्वो की भी जॉच की जा सकेगी।

सांसद गणेश सिंह ने कहा कि वर्तमान की खेती मे मशीनो और उपकरणो का उपयोग महत्वपूर्ण हो गया है। केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा किसानो के हित में जितने ज्यादा से ज्यादा प्रयास संभव थें उनसे कहीं अधिक किये गये है। उन्होने कहा कि कृषि आय को दुगनी करने के रोडमैप के प्रभाव भी दिखाई पड रहे है। राज्य सरकार ने बिना ब्याज के ऋण देने के साथ ही प्राकृतिक आपदा मे फसल क्षति होने पर ज्यादा से ज्यादा सहायता के लिये प्रावधानो मे संशोधन और मण्डी मे सही भाव नही मिलने की भरपाई करने के लिये अनूठी योजना भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। सतना जिले में भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत अब तक 4 करोड़ 17 लाख रूपये की राशि किसानो के खाते मे जमा कराई जा चुकी है। उन्होने कहा कि सागर के खुरई में बनने वाले कृषि यंत्र उपकरण देश और देश के बाहर भी उपयोग हो रहे है। सतना के कौशल विकास केन्द्र में इसकी भी एक यूनिट आनी चाहिये।

संचालक कृषि अभियांत्रिकी राजीव चौधरी ने कृषि अभियांत्रिकी और कृषि यंत्रीकरण की योजनाओ की विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुये बताया कि रीवा और शहडोल संभाग में 162 कस्टम हायरिंग केन्द्र स्थापित किये गये है। पूरे प्रदेश मे सबसे अधिक कृषि यंत्रीकरण को अपनाने में रीवा संभाग अग्रणी है। उन्होने बताया कि पीपीपी मोड में ट्रेक्टर कम्पनी निर्माता कम्पनियो के साथ कौशल विकास केन्द्र का संचालन के प्रयास केवल म.प्र. में हुये है। जबलपुर सतना और सागर में महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा, भोपाल मे जॉन डियर और इन्दौर मे सोनालिका कम्पनी के साथ प्रशिक्षण और कौशल विकास केन्द्र संचालन का अनुबंध किया गया है। कृषि मंत्री श्री बिसेन और सांसद गणेश सिंह ने विधिवत् शिलापट्टिका पूजन और अनावरण कर कौशल विकास केन्द्र का शुभारंभ किया। उन्होने पूरे कौशल विकास केन्द्र का भ्रमण कर सभी ब्यवस्थाओ का अवलोकन और वर्तमान में चल रहे 45 दिवसीय ट्रेक्टर मैकेनिक प्रशिक्षण का जायजा लिया। इस अवसर पर कृषि स्थाई समिति के सभापति शांतिभूषण पाण्डेय, वन समिति के सभापति उमेश प्रताप सिंह लाला, सतेन्द्र सिंह, ए.के.एस. विश्वविद्यालय के डायरेक्टर अंनत सोनी, राम सिंह, सांसद प्रतिनिध नीता सोनी, संध्या उर्मलिया, मनसुखलाल पटेल, कृषि यंत्री जी.पी.पाण्डेय, उप संचालक कृषि आर.एस.शर्मा, पार्षद जय प्रताप बागरी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारंभ मे संगीत महाविद्यालय मैहर की छात्र-छात्राओ द्वारा वंदे मातरम् का संगीत मय सुमधुर गायन किया गया। कृषि मंत्री ने इनकी प्रस्तुतियो पर प्रसन्न होकर 11 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि भी बच्चो को प्रदान की।