राष्ट्रपति के अभिभाषण में नोटबंदी-सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र

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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने के साथ ही आज संसद का बजट सत्र शुरु हो गया। उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार मुखर्जी को संसद के अशोका हाल तक लाए। मुखर्जी ने संसद के बजट सत्र को संबोधित करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि आजाद भारत में बाद पहली बार रेल बजट अलग से नहीं लाया जाएगा। सरकार ने इस वर्ष से रेल बजट को भी आम बजट का हिस्सा बना दिया है, पहले रेल बजट अलग से पेश किया जाता था।

उन्होंने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सबका साथ सबका विकास के पथ पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने गरीबों को स्वच्छ ईंधन के रूप में रसोई गैस उपलब्ध कराने, स्वच्छ भारत अभियान, जन धन खाते खुलवाने के कार्यों का उल्लेख करते हुये कैशलेस कार्यक्रम की शुरुआत का भी जिक्र किया। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार लोगों को स्वास्थ सेवाएं और स्वस्छ पेय जल उपलब्ध कराने के साथ साथ गरीबों को आवास उपलब्ध कराने पर भी जोर दे रही है।

हॉल में प्रधानमंत्री के साथ वित्त मंत्री एवं राज्यसभा में सदन के नेता अरुण जेटली और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद बैठे हुए है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव और मोदी मंत्री मंडल के सदस्य मौजूद है।

राष्ट्रपति के अभिभाषण की मुख्य बातें

  • सबका साथ, सबका विकास चाहती है भारत सरकार
  • जन धन योजना के तहत बैंकिंग सिस्टम से गरीबों को जोड़ा, 26 करोड़ लोगों का जन धन खाता खुला
  • 1.2 करोड़ लोगों ने सब्सिडी छोड़ी, गांव की महिलाओं को धुएं वाले चूल्हे की जगह एलपीजी कनेक्शन दिये गए
  • भारत सरकार ने महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने का काम किया
  • ग्राम ज्योति योजना से गांवों का अंधेरा दूर किया
  • आजादी के बाद से अंधेरे में डूबे 18 हजार गांवों में से 11 हजार गांवों में रिकॉर्ड समय में बिजली पहुंचा दी गई है
  • किसानों के लिए सॉयल हेल्थ कार्ड लेकर आए, किसानों को क्रेडिट कार्ड दिये गए

किसानों पर सरकार का विशेष ध्यान: प्रणब

राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कहा कि सरकार देश के किसानों की आर्थिक स्थिति को और मजबूत करने के लिए विशेष ध्यान दे रही है और खेती के विकास के लिए अनेक योजनाओं शुरू की गई है। राष्ट्रपति ने कहा कि 2016 में मानसून अच्छा रहने से खरीद फसल की पैदावार में बढ़ोत्तरी हुई, रबी की बुआई भी पिछले साल की तुलना में छह प्रतिशत अधिक भूमि पर की गई है। सरकार किसानों को बुआई के लिये समय से पयार्प्त मात्रा में उचित मूल्य पर बीज और खाद उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी पैदावार का बेहतर मूल्य भी दे रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरु करने के साथ ही उन्हें सस्ता ऋण उपलब्ध करने के लिए इंतजाम किए है। किसान क्रेडिड कार्ड को रूपे कार्ड में तब्दिल किया गया है। पिछले दो वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 12.07 लाख हेक्टेयर भूमि को लाया गया है। मुखर्जी ने कहा कि दालों की कीमतों को रोकने के लिए कदम उठाए गए। देश में दलहन की पैदावार बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए गए। किसानों को दलहनों का उचित मूल्य देने के साथ ही 20 लाख टन का बफर स्टॉक बनाया गया। किसानों से आठ लाख टन दलहन की खरीद की गई।