स्कूली बसों में जाने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाये- कलेक्टर श्री सिंह

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खण्डवा  – ईपत्रकार.कॉम |स्कूली बसों में जाने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाये। इस कार्य में लापरवाही बरतनें वाले स्कूल संचालकों व वाहन संचालकों के विरूद्ध नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। यह निर्देश कलेक्टर श्री अभिषेक सिंह ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उपस्थित स्कूल संचालकों व वाहन मालिकों को दिए। उन्होंने कहा कि गत दिनों इंदौर के डीपीएस स्कूल के वाहन की दुर्घटना में विद्यार्थियों की मृत्यु होना अत्यंत कष्ट दायक है। हमें ऐसी घटनाओं से सीख लेना चाहिए । कलेक्टर श्री सिंह ने स्कूल संचालकों से कहा कि उनके स्कूल के विद्यार्थी यदि असुरक्षित तरीके से वाहनों में आ रहे है तो उसे रोकना स्कूल की जिम्मेदारी है, इसे रोकने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जाये। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत भसीन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. वरदमूर्ति मिश्र, अपर कलेक्टर श्री बूटा सिंह इवने, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री महेन्द्र तारणेकर, सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि सभी स्कूल अगले 2-3 दिनों में अपने पालक शिक्षक संघों की बैठक बुलाकर सुनिश्चित करें कि स्कूल लाने के लिए जो वाहन आते है, उनमें निर्धारित क्षमता के अनुरूप ही बच्चे बैठे। क्षमता से अधिक बिठाने पर वाहन संचालक के विरूद्ध कार्यवाही की जाये। उन्होंने ऑटो रिक्षा यूनियन के प्रतिनिधि को निर्देश दिए कि वे भी अपने संगठन की बैठक बुलाकर सभी ऑटो रिक्षा वालों को निर्धारित क्षमता के अनुसार ही ऑटो में विद्यार्थी बिठाने के निर्देश दें। कलेक्टर श्री सिंह ने स्कूल वाहन चालकों के नेत्र परीक्षण कराने के निर्देश भी बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा का दायित्व स्कूल प्रशासन व वाहन संचालक के साथ साथ उनके पालकों का भी है।

पुलिस अधीक्षक श्री भसीन ने बैठक में बताया कि यातायात पुलिस द्वारा लगातार स्कूल बसों व ऑटो तथा स्कूल वेन की नियमित रूप से जांच की जाती रही है। इस सब के बावजूद स्कूल वाहनों में ओवरलोडिंग की शिकायत प्राप्त हो रही है। उन्होंने सभी स्कूल संचालकों व वाहन स्वामियों को निर्देश दिए कि निकट भविष्य में जांच के दौरान यदि स्कूल वाहनों में ओवरलोडिंग पाई जायेगी तो उनके विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी।

अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री जगदीश बिल्लौरे ने बैठक में कहा कि परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित मापदण्डों का पालन सभी स्कूल संचालकों को करना होगा। उन्होंने बताया कि स्कूल बस का रंग पीला होना चाहिए, उस पर स्कूल बस अंकित होना चाहिए। वाहन में स्पीड गवर्नर, सीसीटीवी केमरा, प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा, तथा जीपीएस सिस्टम लगा होना अनिवार्य है, जिन वाहनों में छात्राएं यात्रा करती है उनमें महिला कण्डक्टर की नियुक्ति भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि बस के पिछले भाग में जाली व आपात द्वार भी होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि स्कूल बस के चालक को 5 वर्ष का हेवी वाहन चलाने का अनुभव होना भी जरूरी है।

डायल 100 के बारे में अधिकारियों को बताया
पुलिस अधीक्षक श्री भसीन ने अधिकारियों की बैठक में सभी से कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा डायल 100 की सुविधा आम नागरिकों के लिए उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यालयों या शासकीय भ्रमण के दौरान अधिकारियों को किसी अपराध या अन्याय की सूचना मिलती है तो वे 100 नम्बर डायल कर उसकी सूचना दे सकते है। उन्होंने बताया कि शहरीय क्षेत्र में 5 मिनिट में तथा ग्रामीण क्षेत्र में 30 मिनिट में डायल 100 वाहन बताये गये स्थान पर पहुंच जाता है और पीड़ित को आवश्यक मदद उपलब्ध कराता है।