स्कूल संचालक बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखे- कलेक्टर

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मुरैना  – ईपत्रकार.कॉम |स्कूल संचालक विद्यार्थियों की सुरक्षा का ध्यान रखें, लापरवाही बरतने पर स्कूल संचालकों व वाहन संचालको के विरूद्ध नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। कलेक्ट्रेट कभाकक्ष में आयोजित बैठक में निर्देश देते हुए कलैक्टर श्री भास्करर लाक्षाकार ने कहा कि हाल ही में इंदौर के डीपीएस स्कूल के वाहन की घटना कष्टदायक है ऐसी घटनाए न हो, इसके लिए हमें जागरूक होकर सुरक्षात्मक उपायों को अपनाकर कार्य करना है। उन्होने स्कूल संचालकों से पूछा कि वे स्कूल में चलने वाली बसों में क्या सुरक्षात्मक उपाय करते है। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, डिप्टी कलेक्टर सुरेश जाघव, परिवहन अधिकारी, आदिम जाति कल्याण विभाग सहित स्कूल संचालक उपस्थित थे।

बैठक में कलैक्टर श्री भास्कर लाक्षाकार ने निर्देश दिए कि सभी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा हेतु सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन किया जाए। जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा क वे सभी स्कूलों में 15 दिवस में स्थिति की जांच करें और यह भी देखे नवम्बर में जारी एडवायजरी का क्रियान्वयक हुआ या नही। उन्होने यह भी कहा कि स्कूल बसों में गति सीमा का पालन हो जिसमें 40 कि.मी.प्रति घंटा स्पीड का पालन हो एवं बसों पर फोन नम्बर अंकित हो। स्कूल में एक नोडल आफीसर नियुक्त किये जाए जो इस समस्या को देखें। बसों में प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा हो,
आपातकालीन खिडकियां फायर एक्सटींजर होना चाहिए। बस कण्डक्टर को फायर एक्सटींजर चलाने की जानकारी हो। बसों में सीट की क्षमतानुसार बच्चे हों। स्कूल संचालक बच्चों की सामान्य जानकारी रखे एवं बच्चों के पालकों को भी सुझाव दें क्यों कि बच्चों की सुरक्षा का दायित्व स्कूल प्रशासन व वहन संचालक के साथ उनके पालकों का भी है। इसके साथ ही ड्रायवर व कण्डक्टरो का बेरीफिकेशन भी कराया जाए। इस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने कहा कि स्कूल संचालक बेरीफिकेशन के लिए भेजे। पुलिस प्रशासन द्वारा यह कार्य सुनिश्चित किया जाएगा।

कलेक्टर ने जिला परिवहन अधिकारी को भी निर्देश दिए कि बसों का निरीक्षण किया जाए। बसों में स्पीड गवर्नर हो, जो किसी भी मान्यता प्राप्त कंपनी के हो सकते है। 15 वर्ष से पुरानी बसों को भी बंद किया जाए। जीपीएस सिस्टम सीसी टीवी कैमरा भी होना चाहिए।