आज जवाहर एवं विनोबा उ.मा.वि. से श्री काश्यप स्मार्ट स्कूल योजना का करेंगे शुभारंभ

0

नगर के शासकीय उच्चतर विद्यालयों को विधायक निधि से कक्षा 9 वीं से 12वीं तक डिजिटल क्लॉस रूम बनाकर स्मार्ट स्कूल बनाने की महती योजना 27 सितम्बर से शुरू होंगी। विधायक, राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष चेतन्य काश्यप सुबह 10.30 बजे विरियाखेडी स्थित शासकीय जवाहर उ.मा.वि. तथा दोपहर 1.30 बजे अम्बेडकर नगर स्थित शासकीय विनोबा उ.मा.वि. में इसका समारोहपूर्वक शुभारम्भ करेंगे। नगर के 6 प्रमुख स्कूलों में विधायक निधि के करीब 80 लाख रु. से 4-4 अर्थात 24 डिजिटल क्लासें बनाई गई है।

स्मार्ट स्कूल योजना शहर के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास के उद्देश्य से बनाई गई है। इसके तहत नगर के 6 स्कूल चयनित किए गए हैं जिनमें शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि. सागोद रोड, शासकीय नवीन कन्या उ.मा.वि. आनन्द कालोनी, शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई उ.मा.वि. कोठारीवास तथा शासकीय बहुउद्देश्यीय उ.मा.वि माणकचौक भी शामिल हैं। इन स्कूलों में कक्षा 9 से 12 की 1-1 स्मार्ट क्लास बनाई गई है। इनमें सारी पढाई डिजिटल बोर्ड से कराई जाएगी। इसके लिए विद्यार्थियों के सारे कोर्सेस का साफ्टवेयर तैयार किया गया है, जो इंटरनेट से जुड़कर विश्वस्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराएगा।

डिजिटल बोर्ड में सारे कोर्स प्री-लोडेड रहेगे और आडियो विजुअल के माध्यम से विद्यार्थी उनका अध्ययन कर सकेंगे। अंग्रेजी माध्यम से होने वाली इस पढ़ाई में बोर्ड पर हिन्दी में ट्रांसलेशन भी दिखाई देगा। स्मार्ट क्लास में विधायक निधि से डिजिटल बोर्ड के साथ आधुनिक फर्नीचर एवं वाटर कूलर सहित अन्य सुविधाएं भी जुटाई गई हैं। इनमें कक्षा 9 से 12 वीं के विद्यार्थी रोस्टर के हिसाब से पढ़ाई कर सकेंगे।

चेतन्य काश्यप फाउण्डेशन के सहयोग से आईएसआरएन करेगा क्रियान्वयन
चेतन्य काश्यप फाउण्डेशन के सहयोग से आईएसआरएन (इंडियन सोश्यल रिस्पांसबिलिटी नेटवर्क) नई दिल्ली स्मार्ट स्कूल योजना के तहत क्लासों का संचालन करेगा। ग्रीन स्कूल-क्लीन स्कूल, चाईल्ड मिरर एवं लेग्वेज कम्पेंटेंसी के माध्यम से विद्यार्थियों का बौद्धिक विकास होगा। आईएसआरएन अंग्रेजी भाषा का प्रशिक्षण भी संचालित करेगा, ताकि विद्यार्थी इस भाषा में निपुण हो सकें। संस्था की टीम चयनित स्कूलों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को डिजिटल बोर्ड से अध्यापन के लिए प्रशिक्षित भी करेगी। इसका सारा खर्च चेतन्य काश्यप फाउण्डेशन वहन करेगा।

Previous articleशिवाजी पीएम मोदी की तरह दंगों की राजनीति नहीं करते थे-संजय राउत
Next articleक्या आप जानते है हिन्दू धर्म में क्यों रखा जाता है मरते वक्त मुंह में गंगाजल, तुलसी