बालाघाट – ईपत्रकार.कॉम |मध्यप्रदेश राज्य आदिवासी वित्त विकास निगम के अध्यक्ष डॉ. शिवराज शाह ने बालाघाट जिले के दो दिवसीय प्रवास के दौरान 24 एवं 25 अक्टूबर 2017 को आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों का निरीक्षण किया एवं वहां की व्यवस्थाओं देखा। उन्होंने छात्रावास अधीक्षकों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर आदिवासी वर्ग के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा भी की।
आयोग के अध्यक्ष डॉ शाह ने छात्रावासों के निरीक्षण के दौरान वहां की सफाई व्यवस्था, बच्चों को उपलब्ध सुविधाओं एवं उनके लिए प्रदाय की गई सामग्री को देखा। अधीक्षकों की बैठक में उन्होंने कहा कि आदिवासी वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रावास में शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सभी सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए। छात्रावासों में गुणवत्ता की सामग्री ही क्रय की जाये। छात्रावासों के छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए कोचिंग की भी सुविधा दिलाई जाये।
अधिकारियों की बैठक में डॉ. शाह ने कहा कि आदिवासी वर्ग के कल्याण के लिए शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होना चाहिए। आदिवासी युवाओं को शिक्षा के साथ ही रोजगार मूलक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाना चाहिए। आदिवासी वर्ग के युवाओं को रोजगार के अवसर सुलभ कराने के लिए कारगर प्रयास किये जायें। उन्होंने मानेगांव के छात्रावास का भवन अब तक अपूर्ण रहने पर नाराजगी व्यक्त की और पीआईयू के अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर यह कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये।
कलेक्टर श्री डी व्ही सिंह ने बैठक में बताया कि जिले में आदिवासी वर्ग के युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर सुलभ कराने के प्रयास किये जा रहे है। पर्यटन एवं स्थानीय संसाधनों पर रोजगार पैदा करने के लिए तत्परता से काम किया जा रहा है। कान्हा पार्क के मुक्की में बैगा म्यूजियम बनाया जाना प्रस्तावित है। मुक्की के आसपास के गावों को विलेज टूरिज्म के लिए विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत आदिवासी वर्ग के अधिक से अधिक युवाओं को ऋण देने के लिए बैंकों को निर्देशित किया गया है।





























































