किसानों से उपार्जित फसल का भुगतान सुनिश्चित करें शिकायत नहीं आए – मुख्यमंत्री श्री चौहान

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भोपाल से वीसी लेकर मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रदेश के सभी संभाग आयुक्तों और कलेक्टर्स को सख़्ती से निर्देशित किया कि राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर उपार्जित की गई किसानों की फसल का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। कहीं से भी यह शिकायत नहीं आए की किसी किसान को भुगतान नहीं हुआ अन्यथा इस संबंध में राज्य शासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कानून एवं व्यवस्था के संबंध में भी निर्देशित किया। इस दौरान भोपाल में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र तथा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर रतलाम एनआईसी कक्ष में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के अलावा डीआईजी सुश्री रुचिवर्धन मिश्र, पुलिस अधीक्षक श्री गौरव तिवारी, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप केरकेट्टा, अपर कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने वीसी में निर्देश दिए कि राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति में कोई विघ्न नहीं आए, सभी आईजी और एसपी सुनिश्चित करें, अपराधों पर कड़ा नियंत्रण रखा जाए। कोविड- कंट्रोल पर कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ और समाज के समन्वय से कोरोना नियंत्रण पर कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के संबंध में कहा कि राज्य में इस वर्ष ऐतिहासिक गेहूं खरीदी की जाकर पंजाब को पीछे छोड़ दिया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी जिले में खुले में उपज नहीं रहे, वर्षा में भीगे नहीं। सभी कृषकों को भुगतान हो जाए, यह सरकार गरीब और किसानों की सरकार है। सारी जानकारी पोर्टल पर अपडेट हो, कहीं से कोई शिकायत नहीं आए। मजदूरों को जॉब कार्ड मिल जाएं, मनरेगा में वे सभी कार्य चालू रहे जो बरसात में किए जा सकते हैं। कार्यों में मशीनरी का उपयोग नहीं हो, कहीं से भी शिकायत मिली तो कार्रवाई की जाएगी, प्रवासी श्रमिकों को काम मिल जाए।

मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टर को निर्देशित किया कि बाढ़ तथा अतिवृष्टि से निपटने के समय सीमा में पर्याप्त इंतजाम हो, शहरों में जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जलभराव नहीं हो। आवश्यक मरम्मत और सुधार कर लिए जाएं। बाढ़ की स्थिति में लोगों का सुरक्षित पुनर्वास हो। मलेरिया, हैजा, बुखार से निबटने की भी तैयारी की जाए। किसान को बोवनी के लिए पर्याप्त मात्रा में आदान खाद, बीज सुनिश्चित करें, इसकी कोई कमी नहीं आए। नकली खाद, बीज नहीं बिके। ऐसे कृत्य करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाना है। मुख्यमंत्री ने शहरी पथ पर विक्रय करने वाले व्यक्तियों के पोर्टल पर पंजीयन की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि शहरों में हाथ ठेला वाले, खोमचे वाले, गुमटी वाले ,पान की गुमटी वाले ऐसे सभी वर्गों का पंजीयन 25 जून तक पोर्टल पर करवाना है, कोई भी पात्र शेष नहीं रहे। प्रदेश में 5 लाख व्यक्तियों के पंजीयन का लक्ष्य है इससे ज्यादा भी हो सकते हैं। इन व्यक्तियों को 10 हजार रुपया तक का वित्तपोषण बगैर ब्याज के कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी छोटे काम धंधे वालों को 10 हजार रुपया तक बगैर ब्याज का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टर्स को फॉलोअप के निर्देश दिए। इसके साथ ही आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की चर्चा करते हुए कहा कि इन्नोवेशन पोर्टल पर सुझाव दे सकते हैं। वनाधिकार अधिनियम के संबंध में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पूर्व में खारिज दावों की पुनर्समीक्षा करते हुए पात्र दावेदारों को अधिकार प्रमाण पत्र दिए जाएं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने पर चर्चा करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह को मात्र 4 प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, बाकी राशि की पूर्ति राज्य शासन द्वारा की जाएगी।