खोलकर आँखें यूँ चलता कौन है – डॉ. सकपाल

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बड़वानी – (ईपत्रकार.कॉम) |दुःख से गैरों के पिघलता कौन है, खुद से बाहर अब निकलता कौन है।’ कुछ इस तरह के आधुनिक दौर के उभरते नशे जैसे- वाट्सएप, फेसबुक इत्यादि के अंधाधुंध उपयोग के विषय में आशाग्राम ट्रस्ट बड़वानी द्वारा आयोजित नशामुक्ति शिविर में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. विजया सकपाल ने कहा।

उन्होने बताया कोई भी बात दुनिया में दिमाग के बिना संभव नहीं है। शराब पीना मानसिक व्याधि है जिसका उपचार किया जा सकता है जिसमें परिवार और परिवेश की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होने मनोरोग के विभिन्न प्रकारो में नशे को भी एक विकार बताया तथा आशाग्राम के विषय में कहा कि “यह वह भूमि है जिसने कईयों को मानसिक, शारीरिक व्याधियों से मुक्ति दिलाकर उनका सामाजिक पुनर्वास किया है।” शिविर में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. सकपाल एवं मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. सुल्या द्वारा नशे से ग्रस्त मरीजों की समस्याओं का निदान किया जिसमें नशे से पीड़ित 16 मरीजों को उपचार सह परामर्श प्रदान किया।

शिविर में कुछ मरीज ऐसे भी आऐ जिन्होने करवाचौथ पर पत्नी को शपथपूर्वक नशा छोड़ने का वादा कर उपचार हेतु सहर्ष आकर शिविर में उपचार करवाया।

नशामुक्ति परामर्श केन्द्र आशाग्राम एवं सम विकास सेवा संस्थान बड़वानी द्वारा ऐसी नारी शक्ति को सम्मानित किया जिन्होने निरन्तर प्रयास और आध्यात्मिक एवं चिकित्सीय निदान से पतियों का जीवन नशामुक्त बनाया।

नशामुक्ति शिविर में नशा पीड़ितों को लाने के लिए ट्रस्ट द्वारा प्रचार-प्रसार के साथ-साथ शहिद भीमा नायक शासकीय महाविद्यालय के समाज कार्य के विद्यार्थियों जो कि मेडिकल एवं साईकेट्रिक विषय अंतर्गत अध्ययनरत है के द्वारा विभागाध्यक्ष डॉ. आर.एन. शुक्ला एवं प्रो. शक्ति पटेल के मार्गदर्शन में घर-घर जाकर संपर्क किया।

इस अवसर पर ट्रस्ट के सचिन दुबे, मणीराम नायडू, नरेन्द्रसिंह सिसौदिया, मनीष पाटीदार, सम विकास सेवा संस्था बड़वानी की जिला संयोजक श्रीमती नीता दुबे, हिमांशु वाबले, भेरूलाल यादव, दुरसिंग गुथरे आदि उपस्थित थे।

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