डब्‍ल्‍युएचओ द्वारा कोरोना वायरस, मीजल्‍स रूबेला की सर्विलेंस कार्यशाला आयोजित

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विश्‍व खसरा दिवस 16 मार्च के अवसर पर डब्‍ल्‍युएचओ एवं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा संयुक्‍त रूप से कोरोना वायरस, मीजल्‍स रूबेला और पोलियो के मामलों की निगरानी बनाए रखने के लिए कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए सीएमएचओ डा. प्रभाकर ननावरे ने बताया कि कोराना वायरस के मरीजों को तीन केटेगरी में रखा गया है जिसमें प्रथम केटेगरी में अन्‍य देशों से आने वाले जो यात्री बुखार, कफ, सांस लेने में परेशानी के साथ अन्‍य देशों के मरीजों के संपर्क में आए हों। द्वितीय केटेगरी में जो मरीज चाईना, कोरिया, जर्मनी, स्‍पेन, ईटली, ईरान फ्रांस से आए हों जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक हो तथा साथ ही हाईपरटेंशन, डायविटीज, अस्‍थमा, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से पीडित हों । जबकि तृतीय केटेगरी में ऐसे मरीज हैं जिनमें ऐसे यात्री जो केटेगरी ए और बी में लिखित देशों के लोगों के संपर्क में आए हों। इस प्रकार तीनों केटेगरी के लोगों का चिंहांकन कर उन्‍हें 14 दिन के लिए होम आईसोलेशन में रखा जाएगा।

नोडल अधिकारी डा. जी.आर. गौड ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सभी उपाय किए जा रहे है । रतलाम जिले में अब तक 75 लोगों की स्‍क्रीनिंग की गई हैं किसी भी मरीज में कोरोना वायरस नहीं पाया गया है फिर भी एहतियात के तौर पर उन्‍हें 14 दिन तक होम आईसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है । बाहर से यात्रा करके लौटने वाले मरीजों की निगरानी करके संक्रमण पर काबू पाया जा सकता है ।

कार्यशाला के दौरान सीएमएचओ ने बताया कि संक्रमण से बचाव के लिए हाथ ना मिलाऐं , अपने हाथों को बार बार धोते रहें , खंसते या छींकते समय रूमाल का प्रयोग करें , तेज बुखार के साथ सूखी खांसी, सांस लेने में तकलीफ होने पर तत्‍काल नजदीकी सरकारी अस्‍पताल में सम्‍पर्क करें । कोरोना वायरस से घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि सावधानी बरतें। यदि आपने पिछले 14 दिनों में चीन की यात्रा की हो तो तत्‍काल अस्‍पताल मे संपर्क करें या टोल फ्री नंबर 01123978046 या 104 पर संपर्क करें। भीडभाड वाले स्‍थानों पर जाने से बचें, अनावश्‍यक यात्रा ना करें।

कार्यशाला में डब्‍ल्‍यु एचओ की सर्विलेंस मेडिकल आफिसर डा. स्‍वाति मित्‍तल ने बताया कि बच्‍चों में होने वाली बीमारियों की सुचना के लिए डब्‍ल्‍युएचओ द्वारा सर्विलेंस किया जाता है ताकि क्षेत्र में होने वाली बीमारियों के मरीजों की तत्‍काल पहचान कर नियंत्रण किया जा सके । किसी भी व्‍यक्ति में रेशेस के साथ बुखार हो तो यह खसरा का लक्षण हो सकता है । इसकी तत्‍काल सूचना दी जाना चाहिए । 15 वर्ष से कम आयु के बच्‍चों में यदि अचानक लुजपन के साथ लकवे जैसी स्थिति होने पर इसकी जांच कराना चाहिए । सर्विलेंस कार्यक्रम के अंतर्गत मरीजों में लक्षणों की पहचान करके आगमी रणनीति बनाई जाती है। कार्यशाला में जिले के ग्रमीण क्षेत्रों के एपिडेमियोलाजिस्‍ट डा. प्रमोद प्रजापति, डीपीएम डा. अजहर अली, चिकित्‍सक, स्‍टाफ नर्स, फर्मासिस्‍ट, लेब टेक्‍नीशियन एवं अन्‍य अधिकारी कर्मचारी आदि उपस्थित रहे ।

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