नोटबंदी से कश्मीर में टेरर फंडिंग पर लगी रोक: जेटली

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नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को कहा कि नोटबंदी से जम्मू-कश्मीर तथा देश के कुछ अन्य भागों में आतंकवादियों को धन मुहैया कराने की गतिविधियों पर लगाम लगाने में मदद मिली है। लोकसभा में 2017-18 के लिए 11166 करोड़ रुपए की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए जेटली ने कहा कि नोटबंदी से आतंकवादी गतिविधियों के लिए वित्तपोषण पर लगाम लगी है।

पत्थरबाजों की संख्या में कमी
उन्होंने कहा कि 2008 से 2010 के बीच जम्मू -कश्मीर में देखा जाता था कि बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर पथराव करने आ जाते है, लेकिन अब 25-50 या 100 पत्थरबाज ही नजर आते हैं और इसकी एक ही वजह है कि नोटबंदी के बाद आतंकवादियों को मिलने वाले धन पर अंकुश लगा है। वित्त मंत्री ने कहा कि नोटबंदी की वजह से धन की तंगी से कारण आतंकवादियों को अपनी गतिविधियों के लिए दूसरा रास्ता अपनाना पड़ा और वह बैंक लूटने लगे। यही कारण था कि उत्तर प्रदेश का रहने वाला संदीप शर्मा जो वेल्डिंग का काम करता था, उसे आतंकवादियों ने बैंक लॉकर तोडऩे के लिए अपने साथ शामिल किया। लश्करे तैयबा के सदस्य शर्मा को हाल ही में पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

जाली नोटों को अलग करना
उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को धन मुहैया कराने के एक निजी चैनल के स्टिंग आपरेशन के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी ने कार्रवाई की है। सदस्यों के इस सवाल पर कि नोटबंदी के बाद कितना धन बैंकिंग तंत्र में आया, जेटली ने कहा कि रिजर्व बैंक जमा कराए गए नोटों की गिनती कर रहा है। रकम अधिक है और एक-एक नोट की गिनती कर जाली नोटों को अलग करना है। नोटबंदी के दौरान सहकारी बैंकों में एकत्रित धन जुलाई में ही मिला है। नोटों की गिनती का काम चल रहा है और जैसे ही यह पूरा होगा उसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा।

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