एक महीने बाद अक्टूबर में भारतीय वायुसेना में स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (Light Combat Helicopter) शामिल होगी. इसकी पहली तैनाती भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट जोधपुर में होगी. भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ़ मार्शल वी आर चौधरी ने बैंगलोर में इस हेलीकाप्टर से उड़ान भरी थी और आधिकारिक तौर पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह इसे वायुसेना के बेड़े में शामिल करेंगे.
LCH की खासियत की बात करें तो ये स्वदेशी अटैक हेलिकॉप्टर हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड ने तैयार किया है इस हेलिकॉप्टर से एयर टू एयर मिसाइल फ़ायर किया जा सकता है, इसके अलावा 20 mm की गन लगी है और इस हेलिकॉप्टर से 70 mm की रॉकेट भी फ़ायर की जा सकेगी. ये दुनिया का पहला अटैक हेलिकॉप्टर है जो कि हाई ऑलटेट्यूड एरिया और सियाचिन में भी ऑप्रेट किया जा सकता है.
इस हेलिकॉप्टर में पायलट हैलमेट माउंटेड साईट और इंफ्रारेड साईटिग सिस्टम के जरिये ग्राउंड और हवा में किसी भी टार्गेट को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है, ख़ास बात तो ये है कि पायलट को टार्गेट को निशाना बनाने के लिए हेलिकॉप्टर को मुड़ने की जरुरत नहीं होगी वो अपने हैलमेट माउंटेड साईट से ही टार्गेट को देखकर निशाना बना सकता है.
ये हेलिकॉप्टर सेल्फ प्रोटेक्शन सूट से लैस है इसमें रडार और लेजर मिसाइल वॉर्निग सिस्टम लगा हुआ है. कम विजिबिल्टी में दिन और रात किसी भी समय पर ऑप्रेट किया जा सकता है. भारत अब तक रूस से लिए गए Mi 35 अटैक हैलिकॉप्टर का इस्तेमाल कर रहा है लेकिन अब वो पुराने हो चुके हैं. भारतीय वायुसेना ने Mi 35 के एक स्क्वडर्न को रिटायर कर दिया है और सूत्रों के मुताबिक़ दूसरे स्कवाडर्न की ओवरहॉल करा कर कुछ और साल तक इस्तेमाल में लाए जाने का प्लान है.






























































