भारत ने अगर ऐसा किया तो डोकलाम विवाद होगा गंभीर-चीन

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चीन ने भारत से कहा है कि अगर लद्दाख में सड़क बनी तो डोकलाम विवाद गंभीर हो जाएगा। ऐसा करके भारत ने अपने ही मुंह पर तमाचा मारा है। चीन का आरोप है कि भारत की सरकार दो तरफा नीति पर अमल कर रही है। एक ओर डोकलाम को बातचीत के जरिये हल करने का आश्वासन दिया जाता है तो दूसरी तरफ पेंगोंग सेक्टर के नजदीक सड़क बनाकर भारत मामले को भड़का रहा है।

चीन का कहना है कि जिस जगह पर सड़क बनाने की घोषणा भारत के गृह मंत्रालय ने की है वह पेंगोंग झील से महज बीस किमी की दूरी पर है। यह वही जगह है जहां पर पिछले सप्ताह चीन व भारत के सैनिक आपस में उलझ गए थे।

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हा चनिंग का कहना है कि भारत डोकलाम में चीन को सड़क बनाने से रोक रहा है तो मर्सिमिक ला से लद्दाख के हॉट स्पि्रंग तक सड़क बनाने की घोषणा कर रहा है। ये जगह लाइन ऑफ कंट्रोल के पास है। भारत व चीन में इस सीमा के इलाके को लेकर विवाद है।

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा ‘चीन की सड़क परियोजना पर भारतीय पक्ष पैनी नजर बनाए हुए हैं। लेकिन, भारत की कार्रवाई से यह साबित होता है कि वो कहता कुछ और है, करता कुछ और। सीमा से जुड़े मुद्दे पर भारत की कार्रवाई में विरोधाभास दिखता है।’

उन्होंने आगे कहा ‘भारत द्वारा सड़क निर्माण के काम से इलाके में शांति और स्थिरता बहाल नहीं होगी। इस फैसले से मौजूदा हालात से निपटने के लिए मदद नहीं मिलेगी। मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगी कि भारत-चीन सीमा के पश्चिमी हिस्से पर सीमा निर्धारित नहीं की गई है। जबकि दोनों पक्ष इस पर शांति बनाए रखने के लिए सहमत हुए हैं।’

गृह मंत्रालय ने सड़क निर्माण को दी मंजूरी
गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने कथित तौर पर लद्दाख में मर्सिमिक ला से हॉट स्प्रिंग तक एक खास सड़क निर्माण परियोजना को मंजूरी दे दी है। मार्सिमिक ला पैंगांग झील के उत्‍तर-पश्चिमी सिरे से 20 किमी की दूरी पर स्थित है, यही पर हाल ही में चीनी और भारतीय जवानों के बीच पत्‍थरबाजी हुई थी। चीनी गतिविधियों पर सुरक्षा बल नजर रख सकें, यह सुनिश्चित करने के लिए ही मंत्रालय ने सड़क निर्माण संगठन (बीआरओ) को सड़क निर्माण का जिम्‍मा सौंप दिया है।

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