मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि रतलाम का मेडिकल कालेज चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत करेगा। न केवल रतलाम बल्कि उज्जैन संभाग के लिए भी यह बड़ी उपलब्धि है। मेडिकल कालेज का जो सपना रतलाम की जनता ने देखा था वह पूरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने आज रतलाम में मेडिकल कालेज का लोकार्पण करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष व विधायक श्री चेतन्य काश्यप, राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष श्री हिम्मत कोठारी, विधायकगण श्री मथुरालाल डामर, डा. राजेन्द्र पाण्डेय, श्री जितेन्द्र गेहलोत, श्रीमती संगीता चारेल, महापौर डा. सुनीता यार्दे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री प्रमेश मईड़ा, राज्य कृषक आयोग अध्यक्ष श्री ईश्वरलाल पाटीदार, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक अध्यक्ष श्री अशोक चौटाला, श्री कान्हसिंह चौहान, पूर्व महापौर श्री शैलेन्द्र डागा, निगम अध्यक्ष श्री अशोक पोरवाल, श्री विष्णु त्रिपाठी, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री शिवशेखर शुक्ला, संभागायुक्त श्री एम.बी. ओझा, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, एस.पी. श्री गौरव तिवारी उपस्थित थे। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मेडिकल कालेज, नवीन कलेक्टोरेट भवन सहित 400 करोड रुपए से ज्यादा के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपने सम्बोधन में कहा कि रतलाम मेडिकल कालेज अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से युक्त है। यहां हाईटेक मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, जो नई दिल्ली के एम्स हास्पीटल में भी नहीं है। मेडिकल कालेज में बनाए गए 750 बिस्तरीय अस्पताल में कई गंभीर बीमारियों की उपचार सुविधा मुहैया कराई जाएगी। यह अस्पताल उज्जैन संभाग का सर्वश्रेष्ठ अस्पताल होगा। मुख्यमंत्री ने मेडिकल कालेज में प्रवेश लेने वाली एमबीबीएस प्रथम बैच के विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि निश्चित रुप से इस कालेज से निकलने वाली मेडिकल प्रतिभाएं देश-विदेश में अपना नाम रोशन करेंगी।
प्रदेश में डाक्टरों की उपलब्धता खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में सुनिश्चित करने के प्रयासों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब मध्यप्रदेश में मेडिकल कालेजो की संख्या बढ़ती जा रही है, इस कारण पहले जहां प्रतिवर्ष 600 डाक्टर पासआऊट होकर प्रदेश को मिलते थे वहीं अब 2600 डाक्टर प्रतिवर्ष प्रदेश को मिलेगे। इससे हम ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में डाक्टर उपलब्ध करवा पाएंगे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हायर सेकेण्डरी तथा हाईस्कूलों की बढ़ती संख्या से भी अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के बेटे-बेटियों को उच्च शिक्षा में धनाभाव की चिन्ता नहीं करना पड़ेगी, राज्य शासन उनकी फीस भरेगा। प्रदेश के युवाओं की आंखों के सपनों को मरने नहीं दिया जाएगा। रतलाम मेडिकल कालेज में भी राज्य की
मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा।
राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष, विधायक श्री चेतन्य काश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री ने रतलाम को मेडिकल कालेज की सौगात देकर रतलाम के नागरिकों ने जो सपना देखा था, उसे पूरा किया है। यह शहर के लिए बड़ी उपलब्धि है। श्री काश्यप ने कहा कि मेडिकल काल्ोज में स्थानीय विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा लाभ दिया जाए। स्थानीय विद्यार्थियों हेतु एक कोटा तय किया जाना चाहिए। पूर्व में आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री शिवशेखर शुक्ला ने स्वागत उद्बोधन देते हुए रतलाम मेडिकल कालेज की विस्तार से जानकारी दी।
रतलाम के संगठनों ने किया मुख्यमंत्री का अभिनन्दन
रतलाम को मेडिकल कालेज की सौगात देने पर स्थानीय संगठनों ने मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान का सम्मान-अभिनन्दन इस अवसर पर किया। मुख्यमंत्री को 51 किलो फूलों का हार पहनाया गया। इस दौरान उद्योग संघ, लघु उद्योग भारती, वैश्य महासम्मेलन, नमकीन व्यापारी संघ, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सहित करीब 25 संस्थाओं, संगठनों ने मुख्यमंत्री का अभिनन्दन किया।
मुख्यमंत्री को विधायक श्री काश्यप ने स्वर्णाक्षरों से रचित अभिनन्दन पत्र भेंट किया
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान को रतलाम मेडिकल कालेज की सौगात देने के लिए राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष एवं विधायक श्री चेतन्य काश्यप ने अभिनन्दन पत्र भेंट किया। यह अभिनन्दन पत्र स्वर्ण अक्षरों से रचित किया गया था।
करोडों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन
रतलाम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने 273.70 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित शासकीय स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज), 16.58 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नवीन कलेक्टोरेट भवन, 1 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित शासकीय हाई स्कूल भवन देवला, 1 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित शासकीय हाई स्कूल भवन लसुड़िया जंगली, 1 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित शासकीय हाई स्कूल भवन बहादूरपुर जागरी, 1 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित शासकीय हाई स्कूल भवन बचौड़िया, 1 करोड़ की लागत से निर्मित शासकीय हाई स्कूल भवन बड़ोदा, 2.20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रतलाम की छत्रीपुल पुलिया, 1.25 करोड़ की लागत से निर्मित 33/11 केव्ही उपकेन्द्र सेजावता, 1.44 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आक्यातजली स्टापडेम, 2.70 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आलमपुर ठिकरिया बैराज, 8.28 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित गोठड़ा बैराज, 10.05 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बजरंगगढ़ बैराज, 11.89 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित खेड़ी बैराज, 4.63 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अमरपुराकला तालाब, 4.53 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आम्बापाड़ा (वाहेड़ीखोड़ा) तालाब, 6.91 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सांसर तालाब, 3.37 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एवरिया तालाब का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री द्वारा जिन कार्यों का भूमिपूजन किया गया उनमें 2.07 करोड़ रुपये की लागत के 33/11 केव्ही उपकेन्द्र सरवन, 1.96 करोड़ रुपये की लागत के 33/11 केव्ही उपकेन्द्र डेलनपुर, 2.76 करोड़ रुपये की लागत के 33/11 केव्ही उपकेन्द्र बर्डिया राठोर, 1.25 करोड़ रुपये की लागत के 33/11 केव्ही उपकेन्द्र खेतलपुर, 7.25 करोड़ रुपये की लागत के भानपुरा बैराज, 3.25 करोड़ रुपये की लागत के गैनी तालाब, 3.09 करोड़ रुपये की लागत के चिराखादन तालाब, 12.29 करोड़ रुपये की लागत के बम्बोरी तालाब, 8 करोड़ रुपये की लागत के कुआझागर तालाब, 2.28 करोड़ रुपये की लागत के धबाईपाड़ा तालाब, 3.21 करोड़ रुपये की लागत के अमृत योजना के अन्तर्गत हरित क्षेत्र विकास योजना में अमृत सागर एवं कालिका माता उद्यान का विकास, 80 लाख रुपये की लागत के जनपद पंचायत भवन पिपलौदा, 50 लाख रुपये की लागत के स्टापडेम निर्माण लालगुवाड़ी, 60 लाख रुपये की लागत के स्टापडेम निर्माण इमलीपाड़ा (बिरमावल), 21 लाख रुपये की लागत के स्टापडेम निर्माण पलसोड़ी, 21 लाख रुपये की लागत के स्टापडेम निर्माण बिबड़ोद, 47 लाख रुपये की लागत के स्टापडेम निर्माण सुरजापुर (दंतोड़िया), 23 लाख रुपये की लागत के स्टापडेम निर्माण रेनमउ (प्रकाश नगर) व 79 लाख रुपये की लागत के स्टापडेम निर्माण पंचेड़ शामिल हैं। कार्यक्रम का संचालन श्री आशीष दशोत्तर ने किया।



































































