शिवराज सरकार मंत्रियों ने नहीं दिया संपत्ति का ब्योरा, प्रदेश में नियम ही नहीं

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसलों को तुरंत अमल में लाने वाली शिवराज सरकार पारदर्शिता के लिए अपने मंत्रियों की संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करने से हिचकिचा रही है। प्रदेश के किसी भी मंत्री ने दो साल से संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है। पहले संपत्ति की जानकारी देने पर सामान्य प्रशासन विभाग और विधानसभा में उलझन रही। बाद में दोनों विभाग ने मान लिया कि संपत्ति का ब्योरा देना मंित्रयों की मर्जी पर निर्भर है। जबकि बिहार में मंत्री-विधायकों के लिए संपत्ति का ब्योरा देना अनिवार्य है। एेसा ही फैसला उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार ने भी ले लिया है।
लोकसभा,राज्यसभा में जरूरी:
केंद्र सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा में केंद्रीय मंित्रयों और सदस्यों के लिए संपत्ति का ब्योरा देना अनिवार्य किया है। जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 75 (अ) के मुताबिक लोकसभा-राज्यसभा के प्रतिनिधि को अपनी संपत्ति और देनदािरयों की जानकारी प्रतिवर्ष सदन में पेश करना पड़ती है। भाजपा शासित कुछ राज्य इसकी शुरुआत कर चुके हैं, लेकिन इस मामले में मध्यप्रदेश पीछे रह गया।
प्रदेश में नियम ही नहीं
– विधानसभा: विधानसभा सचिवालय ने माना है कि मंत्रियों द्वारा स्वेच्छा से चल-अचल संपत्ति का विवरण पटल पर रखा जाता है। मंत्री-विधायकों को किस नियम के तहत चल-अचल संपत्ति का विवरण भेजना होता है इस बात का कहीं कोई उल्लेख नहीं है।
– सामान्य प्रशासन विभाग अनिवार्य जैसा कोई आदेश जारी नहीं किया है। मंत्रियों-विधायकों की संपत्ति और देनदारियों के संबंध में जारी निर्देशों के बारे में जानकारी विधानसभा से जुड़ी है।
– सीएम को लिखी चिट्‌ठी चुनाव सुधार पर काम करने वाली संस्था एसोिसएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म की रोली शिवहरे ने सीएम को पत्र लिखकर मंत्रियों की संपत्ति सर्वजनिक करने का आग्रह किया है।
अभी क्या: चुनाव आयोग ने चुनावी शपथ पत्र में संपित्त का ब्योरा अनिवार्य किया है। सिर्फ चुनाव लड़ते समय ही एक बार संपत्ति की जानकारी देना होती है।
पारदर्शिता पर उठ रहे सवाल
संपत्ति का ब्योरा विधानसभा और जीएडी में रखने का कोई नियम नहीं है। ये स्वैच्छिक है, जिसकी मर्जी हो वो रख सकते हैं। अनिवार्य करने जैसे किसी प्रावधान को लाने की कोई जरूरत नहीं है। – नरोत्तम मिश्रा, संसदीय कार्य मंत्री
पहले तो मुख्यंत्री शिवराज सिंह चौहान को संपत्ति का ब्योरा रखना चाहिए। दूसरे प्रदेश संपत्ति का ब्योरा रखना अनिवार्य करने लगे हैं, लेकिन इस सरकार का कामकाज करने का तरीका ही सबसे अलग है। – अजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष

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