उत्तराखंड: राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश, फिर से आएगी हरीश रावत की सरकार

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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार दोपहर उत्तराखंड में हुए शक्ति परीक्षण के नतीजे की घोषणा कर दी. सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि विधानसभा में हरीश रावत बहुमत साबित करने में कामयाब रहे हैं. इसके साथ ही राज्य में लंबे समय से चल रहा राजनीतिक संकट खत्म हो गया.

सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि कांग्रेस को 33 और बीजेपी को 28 वोट मिले हैं. बहुमत साबित होने के बाद राज्य से राष्ट्रपति शासन हटाने के लिए दोपहर 12:30 बजे केंद्रीय कैबिनेट की बैठक बुलाई गई.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मामले में केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है मोदी सरकार ने इससे सबक जरूर सीखेंगे क्योंकि लोकतंत्र की हत्या कभी भी बर्दाश्त नहीं होगी.

मंगलवार को ही कांग्रेस नेताओं ने दावा किया था कि बहुमत परीक्षण में उन्होंने 33 वोटों के साथ जीत दर्ज की है. हरीश रावत ने बहुमत परीक्षण के बाद कहा- मैं सभी देवी-देवताओं को धन्यवाद देना चाहता हूं और जनता को प्रणाम करता हूं.

6 मई को दिया था फ्लोर टेस्ट का आदेश
राज्य की हरीश रावत सरकार के नौ विधायक बागी हो गए थे. इसके बाद राज्य सरकार की कुर्सी पर संकट आ गया था. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराए जाने का आदेश सुनाया था. जिसके अनुसार मंगलवार यानी 10 मई को उत्तराखंड विधानसभा में शक्ति परीक्षण हुआ, जिसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को बंद लिफाफे में भेज दी गई थी.

उत्तराखंड में लागू था राष्ट्रपति शासन
दरअसल नौ कांग्रेसी विधायकों के विद्रोह के बाद राज्यपाल ने 28 मार्च को मुख्यमंत्री हरीश रावत को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने के लिए कहा था, लेकिन उसके पहले ही केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था. जिसे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने इस फैसले को चुनौती दी थी लेकिन SC ने भी फैसला बरकरार रखा.

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