द्विपक्षीय सैन्य सहयोग बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्री अरुण जेटली और रूसी रक्षा मंत्री जनरल सेर्गेई शोइगू ने शुक्रवार को एक रोडमैप पर हस्ताक्षर किए। हालांकि, इसका विवरण उजागर नहीं किया गया। अरुण जेटली बुधवार को तीन दिवसीय दौरे पर रूस पहुंचे थे।
सैन्य तकनीक सहयोग पर रूस-भारत अंतर-सरकारी आयोग की 17वीं बैठक में जनरल शोइगू ने कहा, ‘विभिन्न रक्षा मामलों में अनुभवों के आदान-प्रदान और दोनों देशों के सैन्य बलों की युद्धक तैयारियों में इजाफा करने के लिए हम सहयोग बढ़ाने को प्रतिबद्ध हैं।’ उन्होंने बताया कि रूस और भारत के बीच सैन्य सहयोग के विकास के लिए दोनों देशों के विशेषज्ञों ने एक रोडमैप का मसौदा तैयार किया है, यही द्विपक्षीय संबंधों की योजना का बुनियादी दस्तावेज बनेगा।
जेटली की यात्रा से पूर्व रक्षा मंत्रालय ने नई दिल्ली में कहा था कि बैठक में दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी के तहत भारत और रूस के बीच सैन्य और सैन्य तकनीक सहयोग के सभी मुद्दों की समीक्षा की जाएगी। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन की सेंट पीटर्सबर्ग में हुई उस उच्चस्तरीय वार्ता के तीन हफ्ते बाद हुई है जिसमें दोनों नेताओं ने प्रमुख सैन्य साजो-सामान के संयुक्त निर्माण और उत्पादन के जरिये रक्षा संबंधों को उन्नत और व्यापक बनाने का फैसला किया था।
बता दें कि हथियारों व गोला-बारूद के भारत के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ताओं में से रूस एक रहा है। हालांकि, सैन्य बलों की लंबे समय से यह शिकायत रही है कि रूस से कलपुर्जो और उपकरणों की आपूर्ति में काफी समय लगता है जिसकी वजह से उनसे हासिल रक्षा प्रणालियों का रख-रखाव प्रभावित होता है।






























































