सुब्रमण्यम स्वामी बोले- हिंदू घटेगा तो लोकतंत्र पर खतरा बढ़ेगा, यूनिफॉर्म सिविल कोड जरूरी

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बीजेपी के राज्यसभा सांसद डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने बुधवार को कहा कि भारत में लोकतंत्र तभी तक सुरक्षित है जब तक यहां हिंदुओं की 80 फीसदी आबादी है. यूनिफार्म सिविल कोड की जरूरत के मुद्दे पर आयोजित एक सेमिनार में उन्होंने कहा कि देश में हिंदुओं के घटने से लोकतंत्र पर खतरा बढ़ जाएगा. इसलिए आबादी को काबू में रखना हम सबकी जिम्मेदारी है.

मुस्लिमों में सब यूनिफॉर्म सिविल कोड के खिलाफ नहीं
डॉ. स्वामी ने कहा कि संविधान में सबको धर्म प्रचार की छूट है पर इसके साथ शर्तें भी हैं. मुस्लिमों में वहाबी सुन्नी यूनिफार्म सिविल कोड के खिलाफ हैं. वहीं शिया, बरेलवी और बोहरा समुदायों को इससे कोई ऐतराज नहीं है. उन्होंने कहा कि यूनिफार्म सिविल कोड को लागू करने में मोदी सरकार के दो साल तो चले गए, लेकिन तीन साल अब भी बाकी हैं.

पीएम मोदी लागू करेंगे यूनिफॉर्म सिविल कोड
स्वामी ने कहा कि मैं जितना पीएम मोदी को जानता हूं, वो इसे पूरा करके जाएंगे नहीं, फिर वापस आएंगे. उन्होंने कहा कि यूनिफार्म सिविल कोड लागू करना तो हमारे घोषणापत्र में लिखा है. मुस्लिम क्यों मांग नही करते कि क्रिमिनल लॉ के तहत मुसलमानों को अपराध की सजा भी शरिया के मुताबिक दी जाए.

महिलाओं की आजादी से जुड़ा यूनिफॉर्म सिविल कोड
उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में भी यूनिफॉर्म सिविल कोड मौजूद है. वहां किसी को कोई परेशानी नहीं है. यह महज विवाह नहीं, बल्कि विरासत, पारिवरिक, सामाजिक सुरक्षा और न्याय से भी जुड़ा मसला है. महिलाओं की आजादी से जुड़ा है. मुसलिमों में भी एक विवाह का नियम हो. इसका कानून बने. इस्लाम में दो महिलाओं को एक पुरुष के बराबर माना गया है.

सभी भारतीयों का डीएनए एक
डॉ. स्वामी ने कहा कि हमारे पुरखों का ही डीएनए मुसलमानों में भी है. मुसलमानों का डीएनए टेस्ट इस बात को साबित करता है. यूपी का टैक्सीवाला हो या मनसे का राज ठाकरे इन सबका डीएनए एक ही है. उन्होंने नेहरू परिवार में किसी के भी ग्रेजुएट नहीं होने की बता कही. स्वामी ने कहा कि कांग्रेस ने इतने पढ़े-लिखे अंबेडकर को तो भीमराव कहा और जवाहरलाल को पंडित जी.

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