उड़ता हुआ गुबार सर-ए-राह देख कर

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उड़ता हुआ गुबार सर-ए-राह देख कर,

अंजाम हमने इश्क़ का सोचा तो रो दिए,

बादल फिजा में आप की तस्वीर बन गए,

साया कोई ख्याल से गुजरा तो रो दिए।

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