भोपाल– ईपत्रकार.कॉम |कलेक्टर डॉ. सुदाम खाडे ने आज एसओएस बाल ग्राम खजूरी कलां का निरीक्षण करते हुए बाल ग्राम में रह रहे दिव्यांग बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं व व्यवस्थाओं के संबंध में बाल ग्राम प्रभारी को आवश्यक निर्देश दिए। बाल ग्राम प्रभारी श्री दीपक सक्सेना द्वारा बताया गया कि वर्तमान में यहां 111 दिव्यांग बच्चों का पालन पोषण संस्था में सेवारत माताओं और मौसियों के द्वारा किया जा रहा है। एसओएस विशेष बाल ग्राम में वर्तमान में 111 बच्चे, 14 परिवार गृह, दो यूथ केयर होम्स में निवासरत हैं। जिनका सुरक्षित वातावरण में माताओं, मौसियों और को- वर्कस के द्वारा पालन पोषण किया जा रहा है। निवासरत दिव्यांग बच्चों के लिये बाल ग्राम परिसर में ही विशेष विद्यालय, फीजियोथेरेपी, स्पीचथैरेपी और हाइड्रोथरेपी की सुविधा उपलब्ध है। बाल ग्राम में वोकेशनल ट्रेनिंग सेन्टर जिनके अंतर्गत व्यस्क दिव्यांगों को हार्टिकल्चर, डेयरी फार्मिंग, फूड पैकेजिंग, पेपर बेग मैकिंग व सिलाई कड़ाई के कौशल के उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जाता है।
बाल ग्राम में मदर्स डे के अवसर पर आज आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. खाडे ने संस्था में सेवारत माताओं का सम्मान करते हुए प्रोत्साहन स्वरूप साड़ियां वितरित की। कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों द्वारा गायन और नृत्य की प्रस्तुति दी गई। कलेक्टर ने इस अवसर पर कहा कि विशेष बाल ग्राम की माताओं का बच्चों के प्रति समर्पण और सेवाभाव प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि एसओएस का अर्थ आवश्यक होने पर काम आने वाले से ही होता है किन्तु एसओएस बाल ग्राम द्वारा दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकता के अतिरिक्त भविष्य निर्माण तथा पुनर्वास कार्यक्रम के माध्यम से जो सहायता दी जा रही है वह एक सतत् आंदोलन हैं। उन्होंने संस्था में सेवारत माताओं की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका योगदान अतुलनीय है।





































































