भारत में पिछले साल मोदी सरकार ने जब गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स यानी जीएसटी को लागू किया तो इसे आजादी के बाद से अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार करार दिया था। लेकिन, सच यह है कि एक राष्ट्र, एक कर की अवधारणा पर शुरुआती काम अटल बिहारी वाजेपेयी के प्रधानमंत्री रहते हुए ही हुआ था।
वाजयेपी सरकार ने जीएसटी का मॉडल डिजाइन करने के लिए वर्ष 2000 में पश्चिम बंगाल के तत्काली फाइनैंस मिनिस्टर असीम दासगुप्ता की अध्यक्षता में समिति बनाई थी। उन्होंने विजय केलकर के नेतृत्व में टैक्स सुधारों की सिफारिशों के लिए एक कमिटी का गठन किया था। इस कमिटी ने ही बाद में मौजूदा टैक्स व्यवस्था को खत्म कर जीएसटी लाने की बात कही थी।
पिछले दिनों संसद में अरुण जेटली ने भी संसद में भाषण देते हुए कहा था कि जीएसटी के जरिए अटल जी का सपना पूरा हुआ है। उन्होंने कहा था कि इस खाका अटल जी ने ही तैयार किया था, लेकिन 2004 में सरकार बदलने के बाद जीएसटी लागू करने की योजना को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका।






























































