अन्य स्थानों की तुलना में कोरोना संक्रमण पर रतलाम में बेहतर नियंत्रण रखा गया है परंतु अब सजगता एवं सतर्क रहने की आवश्यकता है। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का उपयोग समय की जरूरत है। यह बात विधायक श्री चैतन्य काश्यप ने कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक सहपरिचर्चा में कही। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान द्वारा कोरोना संक्रमण पर सतत नियंत्रण के संबंध में आयोजित बैठक में शहर के विभिन्न संगठनों, संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा विधायक तथा कलेक्टर की बात को गंभीरता से सुना गया, साथ ही अपने सुझाव और अपनी बात भी कही।
बैठक में लायंस, रोटरी, इनरव्हील क्लबों, सेवा भारती, गायत्री परिवार आदि संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक का उद्देश्य कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए समाज में स्वस्फूर्त जनजागृति का प्रसार करना है। विधायक श्री काश्यप ने कहां कि शासन द्वारा दूरदृष्टि रखते हुए कोरोना कंट्रोल हेतु बेहतर प्रयास किए गए। जनहितेषी नीति अपनाकर समस्या को विकराल होने से रोका गया, अब अनलॉक की शुरुआत है। लॉकडाउन एक प्रकार का प्रशिक्षण था कि अब आगे कैसी जीवनशैली अपनाई जाये जिससे कोरोना बचते हुए अपना कामकाज भी सतत चलता रहे। रतलाम में जिला प्रशासन द्वारा सुनियोजित ढंग से व्यवस्था कर बेहतर काम लॉकडाउन में किया गया है परंतु अब समाजों में कोरोना से बचाव को लेकर जनजाग्रति बहुत जरूरी है। विधायक श्री काश्यप ने कोरोना नियंत्रण के संबंध में रतलाम मेडिकल टीम की भी सराहनीय भूमिका का उल्लेख किया। खासतौर पर कांट्रैक्ट ट्रेसिंग में बरती गई सजगता के फलस्वरुप मरीजों का समय पर सही उपचार संभव हो सका है। विधायक ने समाजों के नेतृत्वकर्ता प्रमुख व्यक्तियों के आगे आकर लोगों से संपर्क करने, परिवारों को कोरोना से बचाव के संबंध में सतर्कता के लिए घरों पर सुझाव देने पर भी जोर दिया।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा कि जल्दी पहचान होने से शीघ्र एवं प्रभावी उपचार होता है, इसलिए विभिन्न संगठनों, संस्थाओं एवं समाजों के प्रमुख व्यक्ति अपने इर्द-गिर्द लोगों को समझाएं, प्रेरित करें कि वे हल्का सा लक्षण भी हो तो तो तुरंत उपचार लेवे। रतलाम का कोविड- हॉस्पिटल बहुत अच्छा कार्य कर रहा है वहां की टीम बहुत अच्छी है। टीम में शामिल स्टॉफ सकारात्मक और सेवाभावी है। कलेक्टर ने कहा कि कोरोना पर नियंत्रण के लिए समाजों और परिवारों की सहभागिता सबसे ज्यादा जरूरी है। लोग अनुशासन में रहें, मास्क का उपयोग करें, पेनल्टी किसी समस्या का समाधान नहीं होती है। रतलाम एक जंक्शन है दिल्ली, मुंबई तथा अन्य स्थानों से सीधा कनेक्ट है इसलिए ज्यादा संवेदनशीलता है। रेड जोन हॉटस्पॉट से लोग आते हैं इसलिए संस्थाओं, मोहल्लों, कालोनियों में कोरोना से बचाव के लिए जागृति फैलाने में सहयोग करें। व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से भी यह कार्य किया जाए। लॉकडाउन में रतलाम की जनता ने सराहनीय सहयोग प्रशासन को दिया है, उस दौरान कई प्रकार से विभिन्न प्रकार से सहयोग प्रदान करने की पहल लोगों की ओर से प्रशासन को की गई जो सराहनीय है। बैठक में उपस्थित सामाजिक संस्थाओं, संगठनों के अध्यक्षों, पदाधिकारियों, सदस्यों द्वारा भी कोरोना नियंत्रण पर प्रशासन द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए अपने विचार व्यक्त किए गए, अपने सुझाव भी दिए। इनमें श्रीमती अर्चना झालानी, श्री महेंद्र गादिया, श्री अर्जुनसिंह चौहान, श्री राजेश बाथम, सुश्री शीला खंडेलवाल, श्री अमित कोठारी, श्री रमेश पीपाड़ा, श्री दिनेश शर्मा, श्री दिलीप वर्मा, श्री विजय जैन, श्रीपति राम शर्मा ,श्री रितेश गादिया, श्री सौरव छाजेड़, श्री अंकित जैन, श्री विजय जैन, श्री कमलेश जैन, श्री प्रदीप लोढा आदि शामिल रहे । अपर कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े, एसडीएम सुश्री लक्ष्मी गामड़, तहसीलदार श्री गोपाल सोनी, सुश्री शीला खंडेलवाल, श्री अमित कोठारी, श्री रमेश पीपाड़ा, श्री दिलीप वर्मा, श्री कमलेश जैन भी उपस्थित थे।
सेवा कार्यों हेतु इच्छुक व्यक्ति तहसीलदार से संपर्क करें
बैठक में विधायक श्री चैतन्य काश्यप के सुझाव पर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा कि जो भी व्यक्ति विभिन्न क्षेत्रों में सेवा कार्यो आदि के लिए इच्छुक हैं वह तहसीलदार रतलाम श्री गोपाल सोनी से संपर्क कर सकते हैं।




































































