पाक में पल रहे आतंकी, भारत पर हमले: US

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पाकिस्तान जहां अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को फंसाने की कोशिश में लगा रहता है, वहीं दुनिया उसकी सच्चाई से पूरी तरह वाकिफ है। अमेरिका ने एक हालिया रिपोर्ट में आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की पोल खोल दी है। अपनी रिपोर्ट में अमेरिका ने साफ कहा है कि पाकिस्तान भले ही आतंकी संगठनों पर नकेल कसने के छोटे-छोटे मोटे कदम उठाता हो, उसकी जमीन पर भारत और अफगानिस्तान में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने वाले संगठन फल-फूल रहे हैं और उसने इन्हें रोकने के लिए कुछ नहीं किया है।

‘जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाएं हुईं’
अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट की ‘कंट्री रिपोर्ट्स ऑन टेररिज्म’ में साल 2019 में पाकिस्तान की भूमिका पर खरी-खरी कही गई है। इसमें कहा गया है, ‘अफगानिस्तान और पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों के अलावा दक्षिण एशिया में 2019 में भारत के जम्मू-कश्मीर (अब केंद्र शासित प्रदेश) और श्रीलंका में में उग्रवाद और आतंकवाद की घटनाएं हुईं।’ मार्च में सीरिया से ISIS ने अपना आखिरी गढ़ गंवा दिया लेकिन मई में उसकी नई ब्रांच भारत और पाकिस्तान में जमने लगी और उसने अप्रैल में श्रीलंका में हुए ईस्टर हमले की जिम्मेदारी ली।

‘जैश से जुड़े थे पुलवामा के तार’
बीते साल पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है, ’14 फरवरी को भारत के J&K में पैरामिलिट्री काफिले पर आत्मघाती हमले से भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव और तनाव बढ़ गया। फरवरी के हमले के तार पाकिस्तान में आधारित जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे। इस घटना के बाद पाकिस्तान ने आतंकी फंडिंग और भारत को निशाना बनाने वाले आतंकी संगठनों को बड़े स्तर पर हमलों को रोकने के लिए कुछ कदम उठाए।’

‘लश्कर-जैश को ऑपरेट करने दिया’
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इसके बावजूद पाकिस्तान दूसरे आतंकी संगठनों के लिए सुरक्षित ठिकाना बना रहा। उसने अफगानिस्तान पर हमले होने दिए। साथ ही, भारत को निशाना बना रहे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों को अपनी जमीन से ऑपरेट करने दिया। पाकिस्तान ने जैश के संस्थापक और संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकी घोषित किए जा चुके मसूद अजहर और 2008 के मुंबई धमाकों के ‘प्रॉजेक्ट मैनेजर’ साजिद मीर जैसे किसी आतंकी के खिलाफ ऐक्शन नहीं लिया। ये दोनों कथित रूप से पाकिस्तान में आजाद घूम रहे हैं।

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