ओलंपिक 2024 में मंगलवार (6 अगस्त) को रेसलर विनेश फोगाट ने इतिहास रच दिया। उन्होंने रेसिलंग में महिला 50 किलोग्राम इवेंट में क्यूबा की लोपेज गजमन को हराकर फाइनल में जगह बनाई। वह ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वालीं भारत की पहली महिला रेसलर बनीं। इस जीत के साथ उन्होंने पदक पक्का कर लिया। उनसे पहले केवल साक्षी मलिक ही भारतीय महिला पहलवान हैं, जिन्होंने ओलंपिक मेडल जीता है। साक्षी ने 2016 में रियो में ब्रॉन्ज जीता था।
पेरिस ओलंपिक विनेश फोगाट का तीसरा ओलंपिक है। 2016 में रियो और 2021 में टोक्यो में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। दोनों ओलंपिक में वह क्वार्टर फाइनल तक ही पहुंच पाई थीं। 2024 में भी जिस तरह का ड्रॉ उन्हें मिला था, उससे किसी को उम्मीद नहीं थी कि वह फाइनल में होंगी। विनेश ने पेरिस में अपने अभियान की शुरुआत 50 किलोग्राम इवेंट में वर्ल्ड चैंपियन और डिफेंडिंग चैंपियन जापान की रेसलर यूई सुसाकी को 3-2 हराकर की।
सुसाकी को हराकर अभियान की शुरुआत की
विनेश दुनिया की पहली ऐसी रेसलर हैं, जिन्होंने सुसाकी को हराया। इस मुकाबले से पहले सुसाकी ने लगातार 82 मैच जीते थे। विनेश फोगाट ने क्वार्टर फाइनल में यूक्रेन की उक्साना लिवाच को 7-5 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में क्यूबा की लोपेज गजमन को 5-0 से हराया। फाइनल मुकाबला बुधवार (7 अगस्त) को होगा। विनेश ने पेरिस ओलंपिक के लिए अपना वजन कम किया था। टोक्यो में वह 53 किलोग्राम इवेंट का हिस्सा थीं।
2023 में ज्यादा ट्रेनिंग नहीं कर पाईं विनेश
पेरिस ओलंपिक से पहले विनेश ने स्पेनिश ग्रैंड प्रिक्स में हिस्सा लिया था। वह विजेता बनी थीं, लेकिन इसमें शीर्ष पहलवान नहीं थे। फिर भी इसने उन्हें मैट पर समय बिताने का मौका मिला दिया। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के तत्कालीन प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के कारण वह 2023 सीजन के अधिकांश समय में ट्रेनिंग नहीं कर पाईं। विनेश आंनदोलन का एक प्रमुख चेहरा थीं, जिसके दौरान उन्होंने जंतर मंतर की सड़कों पर रातें बिताईं।
विनेश की उपलब्धि
विनेश फोगाट ने 2014, 2018 और 2022 में कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीता। 2018 एशियन गेम्स में भी गोल्ड जीता। 2021 में एशियन चैंपियनशिप में भी गोल्ड जीता। एशियन चैंपियनशिप में 3 सिल्वर भी उनके नाम है। भारत ने ओलंपिक में रेसलिंग में 7 मेडल जीते हैं। इसमें 2 सिल्वर और पांच ब्रॉन्ज मेडल हैं। विनेश ने आठवां मेडल पक्का किया है। उम्मीद है वह ऐतिहासिक गोल्ड दिलाएंगी।
































































