बॉर्डर विवाद: मिजोरम में असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ एफआईआर दर्ज

0

असम-मिरोजम सीमा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब मिजोरम में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. यह मामला कोलासिब में दर्ज किया गया है. इससे पहले दोनों राज्यों की पुलिस ने एक दूसरे के अफसरों को समन जारी किया है.

मिजोरम पुलिस ने असम के सीएम के खिलाफ 26 जुलाई को हुई झड़प को लेकर हत्या का प्रयास, आपराधिक साजिश के आरोप में मामला दर्ज किया है. हिमंता बिस्वा सरमा के अलावा मिजोरम पुलिस ने असम के चार पुलिस अफसरों और 2 नौकरशाहों के नाम भी एफआईआर में शामिल किए हैं. इसके अलावा 200 अज्ञात पुलिसकर्मियों के नाम भी मामला दर्ज किया गया है.

क्या कहा मिजोरम पुलिस ने?
मिजोरम पुलिस ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि हथियारों से लैस 200 पुलिसकर्मियों ने आईजीपी के नेतृत्व में उनके 20 पुलिस अफसरों पर हमला किया और उनके पुलिस कैंप को आरक्षित वन की जमीन पर अतिक्रमण बताते हुए जबरदस्ती कब्जाने का प्रयास किया.

एफआईआर के मुताबिक, मिजोरम पुलिस की संख्या काफी कम थी. ऐसे में कैंप को खाली कराने का प्रयास व्यर्थ था. घटना की सूचना पाकर कोलासिब एसपी मौके पर पहुंचे और असम पुलिस के साथ बातचीत करने की कोशिश की. लेकिन असम पुलिस सुनने को तैयार नहीं थी.

असम सीएम के निर्देश से हुआ सबकुछ- मिजोरम पुलिस
मिजोरम पुलिस ने कहा, असम पुलिस कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थी और उन्होंने जबरन एसपी कोलासिब को यह बताने की कोशिश की कि यह क्षेत्र असम की सीमा में है और असम मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही वे कैंप बनाने आए हैं.

दोनों राज्यों की पुलिस ने भेजे समन
इससे पहले इस मामले में असम पुलिस ने मिजोरम के 6 अधिकारियों को समन भेजा. सभी से 2 अगस्त को ढोलाई पुलिस स्टेशन में पेश होने को कहा गया है. असम पुलिस ने मिजोरम पुलिस के डिप्टी कमिश्नर और एसपी रैंक के अधिकारियों को समन भेजा है, ऐसे में ये कार्रवाई काफी बड़ी बताई जा रही है.

उधर, मिजोरम पुलिस ने असम के अफसरों को समन भेजकर 1 अगस्त तक पेश होने को कहा. मिजोरम पुलिस ने असम के प्रमुख सचिव और डीजीपी को पुलिस के सामने पेश होने के लिए कहा.

26 जुलाई को हुई थी झड़प
26 जुलाई को असम और मिजोरम पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई थी. इस घटना में असम के सात पुलिसकर्मी शहीद हुए थे. संघर्ष के बाद से ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और असम सरकार द्वारा ये कार्रवाई की जा रही है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here