मरना हैं तो मरो अपने वतन के लिये

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मरना हैं तो मरो अपने वतन के लिये,

क्यों मरतें हो एक दुल्हन के लिये,

इश्क के गलियों में खींचकर मारे जाओगे,

कोई चन्दा भी ना देगा कफन के लिये।

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