यदि आप भी इस वर्ष अपने घर में भगवान गणेश की नई मूर्ति लाने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले कुछ विशेष धार्मिक नियमों का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। गलत मूर्ति का चयन घर के वास्तु और सुख-समृद्धि पर प्रभाव डाल सकता है। आइए जानते हैं गणेश जी की मूर्ति खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
गणेश जी की मूर्ति स्थापना करते समय दिशा का खास ध्यान रखा जाना चाहिए। गणेश जी की मूर्ति को हमेशा ईशान कोण में स्थापित करें और उनका मुख हमेशा उत्तर दिशा में होना चाहिए। इसके अलावा पश्चिम दिशा में गणेश जी की मूर्ति स्थापित करना बहुत ही शुभ माना जाता है। जब भी घर या दुकान में गणेश जी की मूर्ति रखें तो कभी भी उनका मुंह दक्षिण की तरफ न करें। इससे नुकसान हो सकता है।जिन घरों में अधिक कलह-कलेश होता हो वहां सफेद रंग की गणेश जी की मूर्ति लाएं।घर में केवल एक ही गणेश प्रतिमा स्थापित करें। वास्तु के अनुसार, एक से अधिक मूर्तियां रखने से सकारात्मक प्रभाव कम हो सकता है।प्रतिमा हमेशा प्राकृतिक पत्थर या मिट्टी की बनी हो तो ज्यादा शुभ फल मिलता है।
बप्पा की प्रतिमा कब और कैसे करें स्थापना?
गणेश जी की प्रतिमा की स्थापना दोपहर के समय करना शुभ माना जाता है। स्थापना के दौरान कलश भी अवश्य रखें। उसमें आम या पान के पत्तों पर नारियल रखें। नारियल पर मौली और सिंदूर अवश्य लगाएं। फिर लकड़ी की चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर गणेश प्रतिमा को विराजमान करें। जब तक बप्पा को घर में रखें प्रतिदिन सुबह और शाम को भाई-बंधुओं को बुलाकर घी का दीपक जलाकर गणेश जी की आरती-पूजा करें।































































