किसी का नहीं, बस तेरा प्यार हूँ मैं ….

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अकेला हूं, तन्हा हूं, बीमार हूं मैं,

तेरे नाम का बस तलबगार हूँ मैं ||

मेरे आंसूओं का भरम थोडा रख ले,

किसी का नहीं, बस तेरा प्यार हूँ मैं ||

रूठेगी मुझसे, तो रूठेगी कुदरत,

ज़माने से वैसे ही बेजार हूँ मैं ||

बस मुस्करा के देख, गले से लगा मुझे

तेरी हर इक बात पे तेयार हूँ मैं ||

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