अकेला हूं, तन्हा हूं, बीमार हूं मैं,
तेरे नाम का बस तलबगार हूँ मैं ||
मेरे आंसूओं का भरम थोडा रख ले,
किसी का नहीं, बस तेरा प्यार हूँ मैं ||
रूठेगी मुझसे, तो रूठेगी कुदरत,
ज़माने से वैसे ही बेजार हूँ मैं ||
बस मुस्करा के देख, गले से लगा मुझे
तेरी हर इक बात पे तेयार हूँ मैं ||

































































