राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि संघ लोकसभा चुनाव के बाद राम मंदिर निर्माण शुरू कर देगा, चाहे केंद्र में किसी की भी पार्टी की सरकार बने। बता दें कि इससे एक दिन पहले ही विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने ऐलान किया था कि वह लोकसभा चुनाव तक के लिए राम मंदिर आंदोलन को रोक रहा है।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित आरएसएस के एक कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने राम मंदिर, धार्मिक भेदभाव और जातिगत आरक्षण संबंधी कई मुद्दों पर सवालों के जवाब दिए। राम मंदिर के मुद्दे पर भागवत ने कहा कि हाल ही में कुंभ मेले हुई ‘धर्म संसद’ के मुताबिक ही मंदिर का निर्माण होगा। इस बारे में आरएसएस के एक अन्य नेता ने कहा, ‘भागवतजी ने कहा है कि चुनाव के बाद कोई भी सरकार सत्ता में आए, संघ धर्मगुरुओं के साथ मिलकर कार्रवाई करेगा।’
‘राम मंदिर और गोरक्षा हैं हिंदू संस्कृति के आधार’
आरएसएस नेता ने यह भी कहा कि भागवत ने राम मंदिर निर्माण के लिए कोई तय तारीख तो नहीं बताई है लेकिन यह स्पष्ट किया है कि राम मंदिर और गोरक्षा ही हिंदू संस्कृति के आधार हैं और वे बेहद महत्वपूर्ण हैं। आपको बता दें कि हाल ही में हुई ‘धर्म संसद’ में कहा गया था, ‘जैसे-जैसे चुनाव आ रहा है, छद्म सेक्युलर राजनीतिक ताकतें इकट्ठा हो रही हैं। संत समाज राम जन्मभूमि मुद्दे को राजनीतिक मुद्दे में नहीं बदलने देगा।’
आरक्षण के मुद्दे पर मोहन भागवत ने कहा कि वह इसके साथ हैं, लेकिन वह व्यापक सामाजिक पहुंच के भी पक्षधर हैं। एक आरएसएस नेता ने कहा, ‘भागवत ने कहा है कि आरएसएस आरक्षण के खिलाफ नहीं है लेकिन इसका लाभ जाति, धर्म और संप्रदाय के आधार पर मिलने की बजाय जरूरतमंद लोगों को मिलना चाहिए।’
वीएचपी, आरएसएस के फैसले से बीजेपी को राहत
राम मंदिर मामले पर लोकसभा चुनाव तक शांत होने का वीएचपी और आरएसएस का फैसला भातीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए राहत भरा है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या में गैर-विवादित जमीन रामजन्मभूमि न्यास को लौटाने संबंधी याचिका दायर करके यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह राम मंदिर मामले को लेकर अभी भी संवेदनशील है। ऐसे में वीएचपी और आरएसएस के इन फैसलों से चुनावी माहौल में बीजेपी को थोड़ी राहत मिली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस मामले में कह चुके हैं कि जब तक सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता है, तब तक किसी अन्य विकल्प पर विचार नहीं किया जाएगा। इससे पहले आरएसएस और वीएचपी ने मांग की थी कि केंद्र सरकार संसद में अध्यादेश लाकर राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करे। आरएसएस के मीडिया हेड अरुण कुमार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की याचिका से संत समाज संतुष्ट है।
अरुण कुमार ने आगे कहा, ‘व्यापक जनजागरूकता के कार्यक्रम चालू रहेंगे।’ वीएचपी के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि यह प्रस्ताव पारित किया गया है कि लोकसभा चुनाव और आचार सहिंता को देखते हुए राम मंदिर आंदोलन को रोक दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि संत समाज ऐसी स्थिति में कोई टकराव नहीं चाहता है।





























































