भोपाल – ईपत्रकार.कॉम |नई नई उन्नत एवं वैज्ञानिक तकनीकों का खेती में प्रयोग कर किसानों की आय बढ़ाने हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन आज संभागायुक्त श्री कवीन्द्र कियावत की अध्यक्षता में किया गया। कार्यशाला में भोपाल संभाग के सभी जिलों के कृषि एवं सहकारिता विभाग के संयुक्त संचालक, जिलास्तरीय, ब्लॉक स्तर एवं अनुभाग स्तर के अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यशाला में श्री कियावत ने कहा कि जिले में किसानों की आय बढ़ाने का सर्वोत्तम माध्यम किसान खेत पाठशाला है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को कार्यशालाओं के माध्यम से नई सोच एवं उत्साह का संचार करते हुए उन्हें कृषि के नए नए उन्नत एवं वैज्ञानिक तरीकों से अवगत कराते हुए ये बताना है कि वे अपनी कृषि आय में वृद्धि कैसे कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला एवं जनपद तथा पंचायत स्तर पर किसान खेत शालाओं का आयोजन कर शासन की लाभकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें लाभकारी खेती की तकनीक की जानकारी दें।
संभागायुक्त ने कहा कि किसान खेत पाठशाला एक ऐसा माध्यम है जिससे किसान खेती के उन्नत तरीकों, शासकीय योजनाओं, फसलों में प्रयोग की जाने वाली कीटनाशक दवाएं, उन्नत बीज की जानकारी प्राप्त कर उन्नत खेती करते हुए अधिक आय उपार्जन कर सकते हैं। किसान खेत पाठशाला में अधिक से अधिक किसान आवश्यक रूप से भाग लें। पाठशाला में किसानों को उद्यानिकी, पशुपालन, कुक्कुट, मछली पालन आदि विभागों का सहयोग लेते हुए अन्य लाभकारी योजनाओं की जानकारी दें।
श्री कियावत ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए आवश्यक है कि उन्हें शासन की सभी लाभकारी योजनाओं की जानकारी, वैज्ञानिक तरीके से फसल को सुरक्षित रखने की जानकारी एवं कृषि मण्डी से किसानों को फसल की कीमत कैसे अच्छी मिल सकती है, की जानकारी होना आवश्यक है।
कृषि मण्डी से किसानों को फसल का उचित मूल्य मिल सके इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सूचना पटल लगाकर प्रत्येक मण्डी की फसल की कीमत दर्ज करें जिससे किसान अपनी सुविधानुसार अपनी फसल क्रय कर सकें। ग्रामों में चौपाल एवं ग्राम पंचायत में खेती की उन्नत तकनीकों के प्रयोग की फिल्म एवं स्लाईड्स का प्रदर्शन कर किसानों में उन्नत खेती के प्रति जागरूकता एवं उत्साहवर्धन करना सुनिश्चित करें। किसानों को वर्तमान व्यवस्था के साथ साथ अतिरिक्त आमदनी की राह दिखाकर भी आमदनी का स्त्रोत बढ़ाया जा सकता है। किसान खेत पाठशाला के आयोजक का नाम एवं मोबाइल नंबर किसानों के पास होना सुनिश्चित करें जिससे अवसर आने पर वह जानकारी प्राप्त कर सकें।
कार्यशाला में संयुक्त संचालक कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा बताया गया कि कृषि लागत में कमी, उत्पादन में वृद्धि, कृषि विविधिकरण, उत्पादन का बेहतर मूल्य एवं कृषि क्षेत्र में आपदा प्रबंधन आदि के द्वारा किस प्रकार किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है।





































































