बच्चे को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बारे में कैसे बताएं?

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हम अपने बच्चे को गुड टच और बैड टच के बारे में बताना भूल जाते हैं, जो कि आज के जमाने में बहुत ही जरूरी है। बच्चों के साथ छेड़खानी और यौन शोषण के मामले बहुत ज्यादा सुनने को मिल रहे हैं। अच्छा है कि उन्हें इस तरह की वारदातों से बचाने के लिए इस बारे में सही से शिक्षा दी जाएं।

गुड टच और बैड टच का मतलब छूने वाली की नियत आपके प्रति कैसी है। कोई शख्स आपे शरीर को किस तरीके से छू रहा है-इसी से आपको इस बात का पता चलता है कि यह गुड टच है या बैड टच? इस बारे में बच्चों को समझाने से पहले उन्हें शरीर के सारे अंगों के बारे मे सही जानकारी देना भी जरूरी अहम है।

4 साल के बच्चे को यह बात समझाना शुरू कर दें कि उसे किस पर यकीन करना चाहिए, किस पर नहीं। अगर कोई उसकी जान पहचान का नहीं है, तो किसी के साथ नहीं जाना चाहिए। अनजान व्यक्ति से उसे कुछ भी खाने की चीज नहीं लेनी चाहिए।

बच्चे के साथ खुलकर बातें करें। उसके मन में क्या चल रहा है, इस बात को जानने की कोशिश करें। उसे ऐसा नहीं लगना चाहिए कि वह आपसे कुछ कहेगा, तो उसे डांट पड़ सकती है या उसकी बात अनसुनी कर देंगे।

बच्चे को गुड और बैड टच के बारे में आराम से धीरे-धीरे समझाएं, क्योंकि बच्चे को ऐसी बातें समझने में समय लगता है। उसे प्राइवेट पार्ट्स के बारे में बताएं और समझाएं कि उसे इस जगह पर उसके अलावा कोई दूसरा नहीं छू सकता है।

उसे बताएं कि अगर कोई आपको गोद में बैठाने की कोशिश कर रहा है या चूमने की कोशिश करें, तो मां-बाप को इस बारे में शिकायत करें या साफ इंकार कर दें।

अगर उसे कुछ भी गंदा लग रहा हो, तो वो अपने माता-पिता को तुरंत बता दे। बच्चे को इस तरह तैयार करें कि वह आप पर पूरा भरोसा करें और छोटी से छोटी बात आपके साथ शेयर करें।

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