भारत से पाकिस्तान डरता है। यही कारण है कि वह आतंकियों पर कार्रवाई नहीं करता। पाक में मौजूद आतंकवाद की शरणस्थलियों को खत्म करने की मांग करते हुए अफगानिस्तान ने यह बात कही है।अफगानिस्तान के विदेश मंत्री सलाहुद्दीन रब्बानी ने कहा कि आतंकियों पर कार्रवाई से पाकिस्तान के बचने के तीन मुख्य कारण हैं।
पहला, उसे भारत का खौफ है। दूसरा, सैन्य और असैन्य तनाव। तीसरा, पड़ोसियों के साथ विश्र्वास की कमी। मंगलवार को विदेश संबंधी परिषद की बहस में भाग लेते हुए उन्होंने यह बात कही। उनसे तालिबान और अन्य आतंकी समूहों पर कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान में इच्छाशक्ति की कमी को लेकर सवाल पूछा गया था। रब्बानी ने कहा कि इन तीन कारणों में से एक विश्र्वास की कमी दूर करने के लिए अफगानिस्तान और पाकिस्तान काम कर सकते हैं। अफगान सरकार ने इसके लिए अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ कोशिश भी की है।
अन्य दो कारणों का समाधान पाकिस्तानी नेताओं को ही खोजना होगा। उन्होंने कहा कि जब तक अच्छे और बुरे आतंकियों के बीच अंतर किया जाएगा आतंकवाद को हराया नहीं जा सकता। इसके लिए आतंकियों की शरणस्थलियों को खत्म करना जरूरी है। अफगानिस्तान को नहीं लगता कि आतंकवाद जल्द खत्म होगा, क्योंकि तालिबान और उसके सहयोगी समूह पाकिस्तान में मौजूद तत्वों से मिलने वाले साजो सामान, आर्थिक सहयोग और मिलने वाली सामग्री पर फलते-फूलते हैं। मई में पाकिस्तान में हवाई हमले में तालिबान के मुखिया मुल्ला मंसूर के मारे जाने की घटना जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इस्लामाबाद किस तरह आतंकियों को संरक्षण देता है।






























































