मुश्किल में उत्तराखंड के CM त्रिवेंद्र सिंह रावत

0

भाजपा नेता त्रिवेंद्र रावत के उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बनते ही ढैंचा बीज घोटाले का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है और इस मामले में मुख्यमंत्री की मुश्किलें बढ़ सकती है। उत्तराखंड उच्च न्यायालय में इस मामले में एक जनहित याचिका दायर की गई है।

न्यायालय ने इस मामले में याचिकाकर्ता जे पी डबराल को जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया है कि वर्ष 2007 से 2012 के मध्य भाजपा सरकार में ढैंचा बीज की खरीद की गयी और मामले में लगभग डेढ़ करोड़ रुपए का घोटाला किया गया है। याचिकाकर्ता ने कहा कि बीज को चार गुना अधिक कीमत पर खरीदा गया है। बीजों को लाने में जिन वाहनों को दर्शाया गया है उनका रिकार्ड न तो सरकार के पास मौजूद है और न ही किसी चेक पोस्ट पर उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले की जांच के लिए त्रिपाठी आयोग का गठन भी किया था। आयोग की ओर से तत्कालीन कृषि मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, सचिव ओमप्रकाश व तत्कालीन निदेशक को बीज घोटाले में दोषी पाया गया है। उच्च न्यायालय में दाखिल जनहित याचिका में सरकार ने लंबे समय बाद अपना पक्ष रखा। उच्च न्यायालय की दो सदस्यीय पीठ में इस मामले की सुनवाई हो रही है। न्यायाधीश बीके बिष्ट व न्यायमूर्ति एसके गुप्ता की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को 12 जून तक जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 12 जून को होगी।

Previous articleइन पापों को भगवान शि‍व नहीं करते माफ, देते हैं कठोर दंड
Next articleरोमांचक मुकाबले में जीता पुणे, मुंबई को 3 रन से हराया

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here