मोदी का मुकाबला करने की ताकत किसी में नहीं, 2019 में वो ही जीतेंगे: नीतीश

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोई मुकाबला नहीं है। देश में अब किसी नेता में यह क्षमता नहीं है कि उनका मुकाबला कर सके। उनके सिवाय कोई दूसरा 2019 में दिल्ली की गद्दी पर काबिज नहीं हो सकता है। उनसे सवाल किया गया था कि 2019 में नरेंद्र मोदी को दिल्ली की गद्दी पर बैठाने में आप मदद करेंगे? इसी के जवाब में मुख्यमंत्री ने ये बातें कही।

कुमार मुख्यमंत्री आवास में सोमवार को एनडीए के साथ सरकार बनाने के बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महागठबंधन से अलग होने के अलावा मेरे सामने कोई दूसरा विकल्प नहीं था। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं महागठबंधन में महाअसहज था। राज्य के विकास के कार्य में कोई कोताही नहीं हुई। लेकिन, सुशासन के मुद्दे पर जिस प्रकार प्रशासन के निचले स्तर तक फोन जाने लगा था, उससे परेशानी हो रही थी।

उन्होंने कोई नाम नहीं लिया, लेकिन उनका साफ इशारा राजद प्रमुख लालू प्रसाद और उनके परिवार की ओर था। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊपरी स्तर से प्रशासन में लगे पदाधिकारियों को कोई फोन चला जाता है, तो फिर उसे रास्ते में लाने में कठिनाई होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने सर्जिकल स्ट्राइक और नोटबंदी का समर्थन किया था। सर्जिकल स्ट्राइक पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का बयान पहले आया था। नोटबंदी को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने सही ठहराया था। नोटबंदी से गरीबों में खुशी थी। पर, इसको लेकर मेरे बारे में क्या-क्या कहा जाने लगा? उस समय मैं लगातार कहता था कि बेनामी संपत्ति पर हिट करें। जब बेनामी संपत्ति पर हिट हुआ तो मैं कैसे कहता कि यह गलत है? उन्होंने कहा कि देश में बेनामी संपत्ति नाम की चीज नहीं रहनी चाहिए। मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री बेनामी संपत्ति पर और हिट करेंगे।

पहले से कुछ भी तय नहीं था
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपना इस्तीफा देने के पहले मैंने 26 जुलाई की शाम लालू प्रसाद और कांग्रेस के बिहार प्रभारी सीपी जोशी को जानकारी दे दी थी। मैंने साफ बता दिया था कि मै इस्तीफा देने जा रहा हूं। मैंने अपनी बात दृढ़ता पूर्वक रख दी थी। इससे पहले मैंने जदयू विधायक दल की बैठक में अपनी भावना रखी थी कि मै इस्तीफा देना चाहता हूं। विधायक दल ने इस पर अपनी सहमति दी थी। मेरे इस्तीफा देने के बाद भाजपा के शीर्ष नेताओं का प्रस्ताव मेरे पास आया कि वे समर्थन देने को तैयार हैं। भाजपा भी सरकार में शामिल होगी। भाजपा से प्रस्ताव आने के बाद जदयू विधायक दल की फिर बैठक हुई। मैंने अपने विधायकों को यह जानकारी दी। मैंने पार्टी विधायकों की सहमति से एनडीए के साथ जाने का फैसला लिया । बहुतों को लगता है, पर पहले से कुछ भी सेटल नहीं था।

आरजेडी के नेताओं द्वारा मुझ पर लगाए गए आरोपों पर लालू ने कुछ नहीं कहा
नीतीश कुमान ने कहा कि कई बार आरजेडी की तरफ से मेरे ऊपर आरोप लगे लेकिन लालू ने इन सब पर कभी कुछ स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा। वहीं मेरे बारे में जो भी कहा गया मैं उसे नजरअंदाज करता गया। हमने इन सब चीजों को झेला है और कई बार झेला है। क्योंकि इस तरह का गठबंधन है और ऐसा ही होगा। वहीं हमारी पार्टी की तरफ से कभी आरजेडी के सुप्रीम लीडर के खिलाफ कोई बात नहीं कहीं। हाल ही में जदयू के दो वरिष्ठ नेताओं ने ये बात स्पष्ट की।

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