राज्यों को पूरी तरह ओडीएफ बनाने में केन्द्र सरकार करेगी भरपूर वित्तीय मदद : सुश्री उमा भारती

0

केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री सुश्री उमा भारती ने कहा है कि देश को 2 अक्टूबर, 2019 तक पूरी तरह खुले में शौच जाने से मुक्त बनाने का लक्ष्य है। यह लक्ष्य पूरा करने के लिये राज्यों को केन्द्र सरकार भरपूर वित्तीय सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य को वर्ष 2014 से अब तक 3 हजार 180 करोड़ रूपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। वित्त आयोग से स्वच्छता के लिये अलग से धनराशि निर्धारित करने का आग्रह किया जायेगा, जिससे खुले में शौच जाने से मुक्त घोषित होने के आगे की गतिविधियाँ को क्रियान्वित किया जा सके। सुश्री भारती आज यहाँ रविन्‍द्र भवन परिसर में राज्य-स्तरीय स्वच्छता पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रही थीं।

सुश्री उमा भारती ने कहा कि प्लास्टिक स्वच्छता का सबसे बड़ा शत्रु है। उन्होंने नागरिकों का आव्हान किया कि सड़क पर किसी भी प्रकार का प्लास्टिक का सामान अथवा पॉलीथीन नहीं फेकें, इससे गौ-धन की हानि होती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की शुरूआत स्व-प्रेरणा से होती है। इसलिये खुले में शौच जाने से मुक्त हो चुकी ग्राम पंचायतों के सरपंचों की यह जिम्मेदारी है कि वे अब ओडीएफ के आगे की गतिविधियों की तैयारी करें। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि स्वच्छता निरंतर चलने वाला काम है। इसे करने में सरकारी पहल का इंतजार नहीं करें। उपलब्ध संसाधनों में ही पहल शुरू करें। उन्होंने स्वच्छता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश द्वारा की गई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की।

स्वच्छता जन-अभियान से बदली है मानसिकता : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि दो अक्टूबर 2018 तक मध्यप्रदेश खुले में शौच जाने से पूरी तरह मुक्त प्रदेश हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को जन-अभियान का स्वरूप दिया है। इससे लोगों की मानसिकता बदली है। लोगों ने स्वच्छता के महत्व को स्वीकारा है। मुख्यमंत्री ने स्वच्छाग्रहियों से अपील की कि लोगों को शौचालय का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। मध्यप्रदेश को स्वच्छ और स्वस्थ प्रदेश बनाने का संकल्प लें।

श्री चौहान ने कहा कि स्वच्छता के लिए प्लास्टिक का उपयोग अत्यंत हानिकारक है। इससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचता है। उन्होंने स्वच्छाग्रहियो को संकल्प दिलवाया कि वे धीरे-धीरे प्लास्टिक का उपयोग करना छोड़ दें। नागरिकों को भी इसके लिये प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने असंगठित श्रमिक कल्याण योजना की चर्चा करते हुए स्वच्छाग्रहियों का आह्वान किया कि इस योजना के क्रियान्वयन में पूरा सहयोग करें। उन्होंने बताया कि इस योजना में हर गरीब का अपना मकान होगा, उसे आवासीय भूमि का पट्टा मिलेगा। मुफ्त में इलाज होगा। दुर्घटना होने पर 4 लाख रूपये और सामान्य मृत्यु पर दो लाख रूपये उसके आश्रितों को मिलेंगे।

गोवर्धन योजना का शुभारंभ

सुश्री उमा भारती और श्री चौहान ने भारत सरकार की गोवर्धन योजना का शुभारंभ किया। यह योजना नरसिंहपुर की ग्राम पंचायत कोदसा एवं ग्वालियर की ग्राम पंचायत चिरूली से शुरू हुई है।

मध्य प्रदेश को अग्रिम बधाई

केन्द्रीय स्वच्छता एवं पेयजल मंत्रालय के सचिव श्री परमेश्वरन अय्यर ने बताया कि वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत अभियान शुरू होने से पहले देश में 55 करोड़ लोग खुले में शौच जाते थे। मात्र साढे़ तीन साल में इनकी संख्या घटकर 20 करोड़ रह गई है। उन्होंने कहा कि पिछले साढे़ तीन सालों में देश को स्वच्छ बनाने के अभियान में जितना काम हुआ, उतना बीते सात दशकों में भी नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि आज 400 जिले और साढे़ तीन लाख लाख गाँव खुले में शौच जाने से मुक्त हो गए हैं। उन्होंने बताया कि दो अक्टूबर, 2019 तक पूरे देश को खुले में शौच जाने से मुक्त करने का लक्ष्य है।

श्री अय्यर ने मध्यप्रदेश की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान के संचालन में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने दो अक्टूबर 2018 तक मध्यप्रदेश को पूरी तरह से ओडीएफ राज्य बनाने के संकल्प के लिए अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि अब हर प्रदेश को ओडीएफ से एक कदम आगे बढ़कर कार्य करने की दिशा में रणनीति बनानी होगी।

केन्द्रीय मंत्री सुश्री उमा भारती और मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिला और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, सरपंचों और स्वच्छाग्रहियों को पुरस्कार एवं उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र प्रदान किये। इस अवसर पर सुश्री उमा भारती ने ओडीएफ सत्यापन मार्गदर्शिका का विमोचन किया।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मनमोहन नागर, सीहोर जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री उर्मिला मरेठा और अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्री इकबाल सिंह बैंस उपस्थित थे।

Previous articleक्या आप जानते है शादी में अग्नि के चारों ओर ही क्योेें लिए जाते है फेरे
Next article15 मई 2018 राशिफल – जानिए कैसा रहेगा आपके लिए मंगलवार का दिन

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here