हिन्दू धर्म में पूजा को प्रथम स्थान दिया गया है। जब भी हम किसी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करते हैं तो सबसे पहले भगवान गणेश जी की पूजा करते हैं। यही नहीं बल्कि ऐसा कहा जाता है कि देवता खुद भी भगवान गणेश जी का नाम लिए बगैर अपने दिन की शुरुआत नहीं करते हैं। इसके अलावा कहा गया है कि अगर घर में वास्तुदोष है तो वास्तुदेवता की संतुष्टि गणेशजी की आराधना के बिना अकल्पनीय है।
पूजा से दूर होते है वास्तुदोष:
- अगर आप वास्तुदोष मिटाने चाहते हैं तो भगवान गणेश जी की पूजा नियमित करें और इन उपायों की मदद से आप आसानी से वास्तु दोष उत्पन्न होने की संभावना कम कर सकते हैं।
- अगर आप घर के मुख्य द्वार पर गणेश जी प्रतिमा या चित्र लगाते हैं तो घर में वास्तुदोष का प्रवेश नहीं होता है।
- घर में बैठे हुए गणेशजी तथा कार्यस्थल पर खड़े गणपतिजी का चित्र लगाना चाहिए। अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में सुख, शांति, समृद्धि रहे तो इसके लिए आप सफेद रंग के विनायक की मूर्ति या चित्र लगाए।
- घी मिश्रित सिन्दूर से स्वस्तिक दीवार पर बनाने से भी वास्तु दोष का प्रभाव कम होता है। इसलिए आप किसी भी एक दीवार पर घी में सिंदूर मिलाकर उससे स्वस्तिक बना दें। इससे वास्तुदोष तो दूर होते ही साथ ही यह चिन्ह शुभ माना जाता है।






























































