सीरिया के दक्षिणी रक्का शहर में एक अमेरिकी लड़ाकू विमान ने सीरियाई सेना के एक जेट विमान को मार गिराया है. वॉशिंगटन का कहना है कि यह जेट विमान अमेरिका समर्थित सैन्य बलों पर बम गिरा रहा था. दूसरी ओर दमिश्क का दावा है कि मार गिराया गया विमान इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के खिलाफ मिशन पर जा रहा था.
सीरियाई स्टेट टेलीविजन पर जारी किए गए सीरियाई सेना के स्टेटमेंट में कहा गया है कि प्लेन क्रैश हो गया और पायलट गायब है. यह घटना रविवार की दोपहर रसाफाह गांव के पास हुई.
सीरियाई आर्मी ने कहा कि इस तरह के हमले सेना के प्रयासों को कमजोर करने की कोशिश है. हमारी सेना ही अपने सहयोगियों के साथ मिलकर आतंक के खिलाफ कारगर तरीके से लड़ रही है.
बयान में कहा गया है कि यह हमला उस वक्त हुआ है जब सीरियाई सेना अपने सहयोगियों के साथ इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के खिलाफ निर्णायक बढ़त हासिल करने की ओर बढ़ रही है.
हालांकि बाद में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी बयान जारी किया और कहा कि सीरियाई प्लेन साझा सहयोगी सुरक्षा बलों की ओर से आत्मरक्षा में मार गिराया गया है. बता दें कि इन सुरक्षा बलों को सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस (एसडीएफ) के तौर पर जाना जाता है.
बयान में कहा गया है कि सीरियाई सरकार के समर्थन वाली सेना ने इससे पहले एसडीएफ के कब्जे वाले शहर तबका में हमला किया और कई जवानों को घायल करने के साथ उन्हें शहर से बाहर घसीट ले गए.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि सीरियाई आर्मी के एसयू-22 जेट ने अमेरिका के समर्थन वाली सेना के करीब बम गिराए, उसके बाद ही उसे तुंरत यूएस एफ/ए-18ई सुपरहार्नेट लड़ाकू विमान ने मार गिराया.
कमांड ने अपने बयान में कहा है कि जेट विमान को मार गिराए जाने से पहले अपने रूसी समकक्षों से टेलीफोन के जरिए संपर्क करने की कोशिश की गई ताकि फायरिंग को रोका जा सके और स्थिति पर नियंत्रण किया जा सके.
बयान के मुताबिक साझा सहयोग वाले सुरक्षा बल सीरियाई सरकार, रूस या सीरियाई के समर्थन वाली सेना से नहीं लड़ना चाहते, लेकिन अपनी या सहयोगियों की रक्षा में एक्शन लेने से पीछे नहीं हटेंगे.
अमेरिका की अगुवाई वाले साझा सहयोगी बलों ने उत्तरी सीरिया और रक्का प्रांत में हाल के दिनों में अपने हवाई हमले तेज किए हैं. अमेरिका के समर्थन वाली सेना ने रक्का शहर को घेरकर कई जिलों को आतंकियों के कब्जे से मुक्त करा लिया.
दूसरी ओर सीरियाई आर्मी ने भी इस्लामिक स्टेट के आतंकियों को रौंदते हुए कई इलाकों पर अपना कब्जा जमाया है. इसमें पश्चिमी रक्का शहर और तेल के कई कुएं और गांव शामिल हैं, जो लगभग तीन सालों से आतंकियों के कब्जे में थे.






























































