स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण का जन आंदोलन बनेगा

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प्रदेश में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण का जन-आंदोलन बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज इस संबंध में बैठक में स्व-सहायता समूहों के सुदृढ़ीकरण के लिये रणनीति बनाने के निर्देश दिये। प्रदेश में वर्तमान में दो लाख से अधिक सक्रिय स्व-सहायता समूह है। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में कहा कि स्व-सहायता समूहों के कार्य के लिये नये क्षेत्रों और संभावनाओं को ध्यान में रखते हुये रणनीति बनाये। स्व-सहायता समूहों के सुदृढीकरण के लिये मिशन मोड में काम करें। इसके लिये लक्ष्य तय करे और रोड मेप बनाये।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत एक लाख 79 हजार, महिला-बाल विकास के तहत 17 हजार तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के तहत 12 हजार स्व-सहायता समूह सक्रिय है। आजीविका मिशन के तहत अनूपपुर, बैतूल और होशंगाबाद जिलों में स्व-सहायता समूहों द्वारा बेहतर कार्य किया गया है। स्व-सहायता समूहों के लिये वस्त्र निर्माण और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। महिला-बाल विकास विभाग की तेजस्विनी योजना के तहत 6 जिलों में स्व-सहायता समूहों द्वारा 11 हाट बाजारों का संचालन किया जा रहा है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री आर.एस.जुलानिया, प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास श्री जे.एन.कन्सोटिया, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विवेक अग्रवाल तथा आजीविका मिशन के संचालक श्री एल.एम. बेलवाल उपस्थित थे।

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