इस रणनीति से पाकिस्तान को पटखनी देगा भारत

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चैंपियंस ट्रोफी में भारत और पाकिस्तान की टीमें 4 जून रविवार को एक-दूसरे से भिड़ने के लिए तैयार हैं। इंग्लैंड में आयोजित इस टूर्नमेंट में भारत, पाकिस्तान से एजबेस्टन में यह मुकाबला खेलेगा। भले ही पाकिस्तान की टीम को इस बार बहुत मजबूत न माना जा रहा हो, लेकिन सभी जानते हैं कि 22 गज की पिच पर जब ये दोनों टीमें एक दूसरे से दो-दो हाथ करती हैं, तो अपनी पूरी ताकत झोंक देती हैं। ऐसे में हर बार की तरह इस बार भी दोनों टीमों में रोमांचक भिड़ंत देखने को मिलेगी।

इस टूर्नमेंट में भारतीय टीम बेहद संतुलित है और वह बैटिंग, बोलिंग और फील्डिंग तीनों ही क्षेत्रों में अच्छे प्रदर्शन का माद्दा रखती है। वहीं पाकिस्तान की टीम का सबसे मजबूत पक्ष उसकी बोलिंग है। बैटिंग में टीम के पास ऐसा अनुभव नहीं है, जैसा भारतीय टीम के खेमे में है। पाकिस्तानी टीम में शोएब मलिक ही एकमात्र अनुभवी नाम है। पेश है दोनों टीमों की ताकत…

क्या होगी भारत की रणनीति
भारतीय टीम मजबूत बैटिंग के साथ टूर्नमेंट में उतरी है, तो वह पाकिस्तान के खिलाफ बड़ा टारगेट रखना या उसके द्वारा दिए किसी भी टारगेट को चेज करना चाहेगी। भारत की ओर से विराट कोहली, रोहित शर्मा, शिखर धवन, दिनेश कार्तिक रन बना रहे हैं। इसके अलावा युवराज सिंह और एमएस धोनी का अनुभव भी टीम के काम आएगा। रहाणे दोनों प्रैक्टिस मैच में फ्लॉप हुए हैं, तो टीम के पास उनकी जगह दिनेश कार्तिक को टीम में शामिल करने का विकल्प खुला है।

मजबूती देते ऑलराउंर्स
भारतीय टीम का एक और मजबूत पक्ष उसके ऑलराउंडर खिलाड़ी भी हैं। रविंद जाडेजा, हार्दिक पांड्या और रविचंद्रन अश्विन किसी भी परिस्थिति में अपनी टीम के लिए बॉल और बैट से योगदान करने में कभी नहीं हिचकिचाते। ये तीनों खिलाड़ी बैटिंग बोलिंग के साथ-साथ शानदार फील्डर भी हैं। बांग्लादेश के खिलाफ खेले वॉर्मअप मैच में हार्दिक पांड्या ने 54 बॉल में 80 रन बनाकर विरोधी खेमे को अलर्ट रहने का संदेश भेज ही दिया है।

पेस बैटरी भी है फॉर्म में
भारत का पेस बैटरी अटैक पिछले साल से ही शानदार लय में है। उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी ने दोनों प्रैक्टिस मैच में विकेट चटकाकर खुद को साबित किया है। पहले प्रैक्टिस मैच में न्यू जीलैंड को जहां टीम ने 189 रनों के साधारण स्कोर पर ऑलआउट कर दिया। वहीं बांग्लादेश को महज 84 रन पर सिमेट दिया। जबकि बांग्लादेश ने इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ खेले प्रैक्टिस मैच में 341 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इन तीन गेंदबाजों के अलावा भारत के पास हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह का भी विकल्प है।

इंग्लैंड की पिचें हैं भारत का एक्स फैक्टर
अमूमन भारतीय खिलाड़ियों इंग्लैंड की सीम और स्विंग कंडिशंस में संघर्ष करना पड़ता है, लेकिन इस बार इंग्लैंड ने अपनी पिचों से घास हटाकर रनों का सूखा खत्म करने की कोशिश की है। चैंपियंस ट्रोफी से पहले खेले सभी प्रैक्टिस मैचों में ज्यादातर टीमें 300 के पार पहुंची हैं। कुछ मैचों में में तो स्कोर चेज करने वाली टीमों ने भी 300 के पार रन बनाए हैं। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों के लिए ये पिचें मुफीद साबित हो सकती हैं।

यह हो सकती है भारत की संभावित टीम
रोहित शर्मा, शिखर धवन, विराट कोहली, युवराज सिंह, एम. एस. धोनी, दिनेश कार्तिक, रविंद्र जाडेजा, रविचंद्रन अश्विन, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, उमेश यादव।
(रिजर्व: अजिंक्य रहाणे, हार्दिक पांड्या, केदार जाधव, जसप्रीत बुमराह)

बोलिंग है पाकिस्तान की स्ट्रेंथ
पेस अटैक में पाकिस्तान हमेशा से अपना दबदबा रखता आया है। इस टूर्नमेंट में भी पाकिस्तान की टीम शानदार पेस अटैक के साथ उतरी है। टीम की बोलिंग अटैक की जिम्मेदारी रियाज, मोहम्मद आमिर और हसन अली के हाथ में होगी। अगर ये तीनों खिलाड़ी मिलकर प्रदर्शन कर गए, तो फिर किसी विरोधी टीम की बैटिंग पर भारी पड़ सकते हैं।

पाकिस्तान का कमजोर पक्ष
पाकिस्तान के पास फिलहाल भरोसेमंद बैटिंग ऑर्डर नहीं है। उसकी टीम में ज्यादातर खिलाड़ी नए हैं, जो टीम में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रहे हैं। शोएब मलिक को छोड़कर ज्यादातर बल्लेबाजों को भारत के खिलाफ खेलने का अनुभव नहीं है।

शादाब खान हैं टीम का एक्स फैक्टर
अगर पाकिस्तान की पेस बैटरी उसे शुरुआत में कुछ सफलताएं दिला देती है, तो फिर युवा स्पिन गेंदबाज शादाब विपक्षी टीम की रनगति पर ब्रेक लगाकर अपनी टीम के लिए मौका बना सकते हैं।

वॉर्मअप मैचों में दोनों टीमों का प्रदर्शन
दोनों टीमें टूर्नमेंट शुरू होने से पहले 2-2 वॉर्मअप मैच खेल चुकी हैं और इस टूर्नमेंट के लिए अपनी ताकत को आजमा चुकी हैं। जहां भारत ने अपने वॉर्मअप मैच न्यू जीलैंज और बांग्लादेश के खिलाफ खेले वहीं, पाकिस्तान ने बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी ताकत आजमाई है। भारत ने जहां दोनों मैचों में जीत दर्ज की वहीं पाकिस्तान ने बड़े स्कोर का पीछा करते हुए बांग्लादेश को हरा दिया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बारिश के कारण मैच रद्द हो गया। वैसे भारत-न्यू जीलैंड के खिलाफ खेला गया मैच में वर्षा बाधित था, लेकिन तब तक भारत इतने ओवर खेल चुका था कि डकवर्थ लुईस नियम से मैच का रिजल्ट आ सके।

एजबेस्टन में भारत दमदार, पाकिस्तान फुस्स
अगर एजबेस्टन मैदान पर दोनों टीमों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो टीम इंडिया का रेकॉर्ड यहां दमदार है। इस मैदान पर भारत ने 8 मैच खेले हैं, जिनमें से 5 में उसने जीत दर्ज की है और 3 में उसे हार का मुंह देखना पड़ा है। आखिरी बार टीम इंडिया यहां 2007 में हारी थी। इसके बाद उसने यहां 3 मैच और खेले हैं, जिनमें उसे जीत मिली है।

इसके उलट पाकिस्तान का रेकॉर्ड इस मैदान पर अच्छा नहीं है। उसने यहां 11 वनडे मैच खेले हैं, जिनमें से 7 में उसे हार मिली है और केवल 4 बार जीत नसीब हुई है। पाकिस्तान अंतिम बार यहां 2004 में जीता था, इसके बाद उसने यहां लगातार 3 मैचों में हार मिली है। इस लिहाज से टीम इंडिया पाकिस्तान पर और भारी लग रही है।

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