इस हनुमान मंदिर के पास आते ही खुद-ब-खुद कम हो जाती है ट्रेन की स्पीड

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इंदौर। एमपी में 600 साल पुराना एक ऐसा चमत्कारी मंदिर है जिसके सामने से निकलने वाली ट्रेन की स्पीड अपने आप कम हो जाती है। शाजापुर जिले के बोलाई गांव के श्री सिद्धवीर खेड़ापति हनुमान मंदिर के दर्शन के लिए पूरे देश से लोग आते हैं।

– श्री सिद्धवीर खेड़ापति हनुमान मंदिर रतलाम-भोपाल रेलवे ट्रैक के बीच बोलाई स्टेशन से करीब 1 किमी दूर है। पुजारी पं. नारायणप्रसाद उपाध्याय बताते है कि ये मंदिर करीब 600 साल पुराना है।
– यहां स्थापित हनुमान प्रतिमा के बाएं बाजू पर श्री सिद्धि विनायक गणेशजी विराजित हैं। एक ही प्रतिमा में दोनों भगवान होने से ये प्रतिमा अत्यंत पवित्र, शुभ और फलदायी मानी जाती है।
– ये मान्यता है कि यहां आने वाले लोगों को भविष्य की घटनाओं का पहले ही अंदाजा लग जाता है। इस मंदिर से कई चमत्कार जुड़े हुए हैं।
– मंदिर का सबसे बड़ा चमत्कार यह है कि मंदिर के सामने से जब भी कोई भी ट्रेन निकलती है तो उसकी स्पीड अपने आप कम हो जाती है।
– उपाध्याय जी बताते हैं कि ट्रेन के लोको पायलट ने उनको बताया है कि मंदिर आने के पहले ही अचानक उन्हें ऐसा लगता है मानो कोई उनसे ट्रेन की स्पीड कम करने के लिए कह रहा है।
– यदि कोई ड्राइवर इसे नजरअंदाज करता है तो अपने आप ही ट्रेन की स्पीड कम हो जाती है।
– पुजारी बताते हैं कि कुछ समय पहले रेलवे ट्रैक पर दो मालगाड़ी टकरा गईं थी। बाद में दोनों गाड़ियों के लोको पायलट ने बताया था कि उन्हें घटना के कुछ देर पहले अनहोनी का अहसास हुआ था।
– उन्हें ऐसा लगा था मानो कोई ट्रेन की रफ्तार कम करने के लिए कह रहा था। उन्होंने स्पीड कम नहीं की औऱ इस कारण आमने-सामने की टक्कर हो गई थी।
-मंदिर की एक अन्य मान्यता ये है कि यहां भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यहां हर शनिवार, मंगलवार और बुधवार को दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।

भक्तों ने कराया मंदिर का जीर्णोद्धार
मंदिर का जीर्णोद्धार 300 वर्ष पूर्व ठा. देवीसिंह ने करवाया था। यहां वर्ष 1959 में संत कमलनयन त्यागी ने अपने गृहस्थ जीवन को त्याग कर उक्त स्थान को अपनी तपोभूमि बनाया और यहां पर उन्होंने 24 वर्षों तक कड़ी तपस्या कर सिद्धियां प्राप्त की।

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