नये तेवर और कलेवर में आ रहा है FSSAI

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मैगी विवाद और इसके बाद भी खाद्य पदार्थों में मिलावट, खतरनाक रसायनों के इस्तेमाल और अन्य सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार ने आखिर एफएसएसएआई के कायाकल्प का फैसला कर ही लिया. केंद्र सरकार ने FSSAI यानी फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड आथॉरिटी ऑफ इंडिया को नया कलेवर और नया तेवर देने के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है.

नई परियोजनाओं को हरी झंडी
जल्द ही देश भर में कई दर्जन लैब स्थापित होंगे, जहां खाद्य सुरक्षा और मानक का काम आसान और जल्दी होगा. गुरुवार को हुई मीटिंग में खाद्य मंत्रालय के साथ कृषि, खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय और कानून मंत्रालय सहित कई मंत्रालय के आला अधिकारियों ने हिस्सा लिया. इसमें ये तय किया गया कि अब FSSAI को नया कलेवर दिया जाए. इस सिलसिले में कई नई परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई.

बड़े राज्यों को मिली दो लैबों की मंजूरी
बैठक में यह फैसला लिया गया कि देश के हर राज्य में कम से कम एक अत्याधुनिक फूड टेस्टिंग लैब जरूर हो. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, उड़ीसा जैसे बड़े राज्यों में दो लैबों को मंजूरी मिली है. देश भर में 482 करोड़ रुपये की लागत से ऐसे 45 लैब स्थापित करने को मंजूरी मिली है.

स्कूली छात्रों को भी किया जाएगा जागरूक
इसके अलावा देश भर में 62 मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी तैयार करने को भी मंजूरी मिली है. अब तक देश भर में सिर्फ चार ही मोबाइल लैब थे. इनके अलावा अभी देश में मौजूद 14 लैबोरेटरीज को अपग्रेड किया जाएगा. देश के डेढ़ हजार स्कूलों में खाद्य सुरक्षा के लैब स्थापित किए जाएंगे, जिससे छात्रों को भी इस बारे में जागरूक किया जा सके.

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