दलित एक्ट को कागजों तक सीमित रखने के लिए कांग्रेस और राजद को माफी मांगनी चाहिए-सुशील मोदी

0

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भारत बंद पर किए गए हंगामे को लेकर विपक्ष पर करारा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने बंद को हिंसात्मक तेवर देकर अपनी हताशा ही जाहिर की। उन्होंने कहा कि दलित एक्ट को कागजों तक सीमित रखने के लिए कांग्रेस और राजद को माफी मांगनी चाहिए।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी पर भी करारा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जिस दलित नेता को नीतीश कुमार ने राजनीतिक हाशिए से उठाकर सीएम बनवाया, वह भी मुख्यमंत्री को दलित विरोधी बताने के झूठे नारों में सुर मिलाते हुए उन लोगों के साथ खड़े थे, जिनके 15 साल के राज में हुए नरसंहारों के दौरान 46 दलितों की जान गई।

सुशील मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने भारत बंद की घोषणा से पहले ही दलित उत्पीड़न कानून में किसी भी तरह के बदलाव के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दायर करने की घोषणा की थी। सोमवार को जिस समय दलितों को गुमराह कर सड़क पर उपद्रव किए जा रहे थे, उस समय कोर्ट में सरकार याचिका दायर कर रही थी। जिस मुद्दे पर लगभग सभी दल एक मत है उस पर एनडीए को निशाना बनाना और लोगों को तोड़फोड़ के लिए उकसाना बेहद गैर जिम्मेदाराना हरकत थी।

Previous articleकहीं आप हमेशा नींद की गोलियां तो नहीं ले रहें, हो जाए सावधान
Next articleSC/ST एक्टः सरकार की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई आज, खुली अदालत में होगी सुनवाई

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here