जोक्स और शायरी रात देर तक तेरी दहलीज़ पर By Editor - July 27, 2018 0 रात देर तक तेरी दहलीज़ पर बैठी रहीं आँखें, खुद न आना था तो कोई ख्वाब ही भेज दिया होता।