समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को ट्वीट करके कहा कि ‘विकास’ पूछ रहा है: आपने भी कुछ नया सुना क्या? सुना है जनता ने भाजपा का नया अर्थ निकाला है ’भागती जनता पार्टी’। बुधवार को अखिलेश ने हरदोई की एक चुनावी जनसभा में कहा था कि भाजपा वालों ने झाड़ू लगाने के लिये न जाने कितना पैसा इकट्ठा किया है। आपको याद है कि नहीं, शुरू में वे सब झाड़ू लिये घूम रहे थे। देश के प्रधानमंत्री ने भी झाड़ू लिया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी झाड़ू लिया। बताओ कूड़ा खत्म हुआ क्या ? कहां है कूड़ा ? कूड़ा भाजपा के दिमाग में है। इनकी बात शौचालय से ही शुरू होती है और शौचालय पर ही खत्म हो जाती है।
अखिलेश यादव ने ट्वीट करके कहा कि भाजपा का नया अर्थ निकाला है ’भागती जनता पार्टी’क्योंकि प्रधान जी प्रेस वार्ता से भागते हैं, उनके नेता पत्रकारों के सवालों से भागते हैं और उनके कार्यकर्ता 15 लाख व रोज़गार मांगती जनता को देखकर।
हरदोई की रैली में सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के राज में सीमाएं असुरक्षित हुई हैं । एक के बदले दुश्मन सैनिकों के 10 सिर लाने का वादा कर सत्ता में आये मोदी ने सीमा पर सबसे ज्यादा जवानों को शहीद करवा दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा दावे कर रही है कि उसकी वजह से सीमाएं सुरक्षित हैं, मगर सरहदें अगर महफूज हैं तो वे सिर्फ हमारे जवानों की वजह से, भाजपा की वजह से नहीं ।
अखिलेश ने कांग्रेस और भाजपा दोनों को ही घेरते हुए कहा, ”एक पार्टी कह रही है कि योजना आयोग खराब है । दूसरी पार्टी कह रही है कि नीति आयोग खराब है । हम कहते हैं कि लोगों को पढ़ा—लिखा बना दो, उसे लोहिया आवास दे दो, गरीब अपने घर में शौचालय खुद ही बना लेगा ।”
उन्होंने कहा कि सपा—बसपा—रालोद गठबंधन ‘महामिलावट’ नहीं, बल्कि देश में महापरिवर्तन लाने का काम यह गठबंधन कर रहा है । ”यह महागठबंधन गरीब का, गांव में रहने वाले का है । जिन्हें सम्मान नहीं मिल पाया इतने वर्षों से, यह उनका गठबंधन है । जो हमारे लोग खेत में काम कर रहे हैं … पसीना बहाने वाले लोग … यह उन लोगों का गठबंधन है ।”




























































